प्रखर साधना आंदोलन के रूप में मनाई जाएगी गायत्री जयंती

 


जयपुर, 22 जून (हि.स.)। द्वितीय ज्येष्ठ शुक्ल दशमी 24 जून को छोटीकाशी में गायत्री जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। ब्रह्मपुरी, वाटिका और कालवाड़ स्थित गायत्री शक्तिपीठ, मानसरोवर स्थित श्री वेदना निवारण केन्द्र में में मुख्य आयोजन होंगे। पूर्व संध्या पर 23 जून को सुबह से शाम तक सबकी सद्बुद्धि के लिए गायत्री महामंत्र का सामूहिक जाप किया जाएगा। गायत्री जयंती महोत्सव इस बार प्रखर साधना आंदोलन के रूप में मनाया जाएगा। सोमवार को गृहे-गृहे गायत्री यज्ञ के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर यज्ञ कराकर गायत्री जयंती महोत्सव में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया। वहीं गायत्री जयंती की तैयारियों को लेकर गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी में बैठक का आयोजन किया गया।

गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी के व्यवस्थापक सोहन लाल शर्मा ने बताया कि 23 जून को मां गायत्री के समक्ष अखंड दीपक की साक्षी में प्रात: 6 से शाम 5 बजे तक अखण्ड गायत्री जप होगा। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागी बनकर गायत्री मंत्र साधना करेंगे। 24 जून को सुबह 8 बजे से पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ होगा। यज्ञ में श्रद्धालु विश्व कल्याण, परिवार की सुख-समृद्धि तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना से यज्ञ भगवान को आहुतियां अर्पित करेंगे। यज्ञ में कोई भी शामिल हो सकेंगे। एक वर्ष गायत्री महामंत्र जप की विशेष साधना करने वाले साधकों को संकल्प कराए जाएंगे। साथ ही साधना के संकल्प पत्र भी भराए जाएंगे।

श्री वेद माता गायत्री ट्रस्ट की ओर से किरण पथ मानसरोवर स्थित वेदना निवारण केन्द्र में गायत्री जयंती पर तीन दिवसीय आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। केन्द्र के व्यवस्थापक आर डी गुप्ता ने बताया कि 23 जून तक प्रतिदिन प्रात: 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक गायत्री महामंत्र जप साधना होगी। 23 जून को शाम 5:30 से 6:30 बजे तक दीप यज्ञ होगा। गायत्री जयंती 24 जून को प्रात: 8 से 11 बजे तक नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ आयोजित किया जाएगा।

गायत्री शक्तिपीठ वाटिका और कालवाड़ में भी 23 जून को सुबह से शाम तक गायत्री महामंत्र का जप और 24 जून को पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ होगा। गायत्री चेतना केंद्र दुर्गापुरा में सुबह साढ़े सात से साढ़े नौ बजे तक पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ होगा।

जनता कॉलोनी स्थित चेतना केन्द्र में 24 जून को सुबह छह से साढ़े आठ बजे तक सामूहिक गायत्री जप होगा। साढ़े आठ से साढ़े दस बजे तक पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ होगा। इस मौके पर तीनों शक्तिपीठों, चेतना केन्द्रों पर दीक्षा, यज्ञोपवीत, नामकरण, पुंसवन सहित विभिन्न संस्कार होंगे। सरकारी विद्यालय एक जून से तथा ज्यादातर निजी विद्यालय 25 जून से खुलेंगे। पहली बार विद्यालय जाने वाले बच्चों के लिए विद्यारंभ संस्कार प्रमुख तौर पर कराया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश