राजस्थान में ‘गाे सम्मान आह्वान’ महारैलियां, हजारों लोगों ने गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की उठाई मांग

 


जयपुर, 27 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान के विभिन्न जिलों में सोमवार को ‘गाे सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत विशाल महारैलियां निकाली गईं। इस दौरान हजारों की संख्या में साधु-संतों और आमजन ने भाग लेकर गोवंश संरक्षण और गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। रैलियों के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपे गए।

सीकर में रामलीला मैदान से शुरू हुई करीब 2.5 किलोमीटर लंबी रैली कल्याण धाम, घंटाघर, जाटिया बाजार होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। इस दौरान तापमान करीब 40 डिग्री रहा, फिर भी साधु-संत नंगे पैर चले। रास्ते में लोगों ने फूलों की वर्षा कर स्वागत किया।

रैली में 42 गांवों के लोग शामिल हुए और 31 हजार हस्ताक्षरों का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया। महंत विष्णु प्रसाद शर्मा ने कहा कि अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक गोवंश की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित नहीं होता।

अजमेर में रैली के दौरान साधु-संत पांच गाय के बछड़ों को साथ लेकर पहुंचे। यह गोवंश की स्थिति को दर्शाने का प्रतीकात्मक प्रयास था। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और 13 हजार लोगों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।

उदयपुर में नगर निगम टाउन हॉल से शुरू हुई रैली में लोग ढोल-मंजीरों के साथ भजन गाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां गोवंश तस्करी रोकने, गोशालाओं को सुदृढ़ करने और पशुशालाओं की स्थिति सुधारने की मांग उठाई गई।

अलवर में बड़ी संख्या में गौ भक्तों ने हस्ताक्षर कर सरकार से गायों के लिए टाइगर की तर्ज पर अभ्यारण्य बनाने की मांग की। मिनी सचिवालय पहुंचकर एडीएम को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग प्रमुख रही।

राजस्थान में आयोजित इन महारैलियों ने गोवंश संरक्षण के मुद्दे को एक बार फिर प्रमुखता से उठाया है। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से यह स्पष्ट है कि समाज के विभिन्न वर्ग इस विषय पर जागरूकता और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित