गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए जयपुर में हुआ शंखनाद

 


जयपुर, 11 जून (हि.स.)। गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर देशव्यापी स्तर पर चलाए जा रहे 'गौ माता सम्मान आह्वान अभियान' के दूसरे चरण की सफलता के लिए गुरूवार से राजधानी में एक बड़े आंदोलन की शुरुआत हुई। सांगानेर स्थित श्री पिंजरापोल गौशाला के सुरभि भवन में गुरुवार से तीन दिवसीय भव्य गौ कथा का शुभारंभ हुआ।

कामधेनु गौ भक्त महिला मंडल, जयपुर के तत्वावधान में आयोजित इस कथा के प्रथम दिन मंदिर परिसर से एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे और गौमाता के संग निकाली गई इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाती हुई शामिल हुईं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

कथा के शुभारंभ पर ब्रह्म पीठाधीश्वर संत रामरतनदास महाराज, महामंडलेश्वर हरिशंकरदास वेदांती तथा महामंडलेश्वर मनोहरदास महाराज सहित अनेक पूज्य संतों-महंतों के सान्निध्य में विधि-विधान से व्यास पूजन और गौमाता का पूजन किया गया। व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को कथा श्रवण कराते हुए 'गौ, पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना पदयात्रा' के प्रणेता तथा श्री गोपाल परिवार के संस्थापक ग्वाल संत गोपाल महाराज ने कहा कि, गौमाता में सभी देवी-देवताओं का वास होता है, इसके बावजूद देश में आज गौमाता की हत्या हो रही है। यह संपूर्ण सनातन समाज के माथे पर एक बड़ा कलंक है। अब भारत भूमि पर हर हाल में गौहत्या रुकनी चाहिए। कथा के दौरान वहां मौजूद विशाल जनसमूह और देश के विभिन्न कोनों से आए साधु-संतों ने एक सुर में हाथ उठाकर गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। यह गौ कथा आगामी 13 जून तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसमें आमजन को गौ सेवा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

कथा के आयोजकों ने बताया कि इस त्रि-दिवसीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य गौ सेवा को एक बड़े जनआंदोलन का स्वरूप देना है। इसके माध्यम से समाज में गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश