ठेकेदार को लाखों रुपये का भुगतान,लेकिन सड़कों से नदारद कचरा पात्र
जयपुर, 24 अगस्त (हि.स.)। गुलाबी नगर को साफ सुथरा बनाने को लेकर नगर निगम की मंशा में खोट नजर आ रहा है। लाखों रुपए के भुगतान के बाद भी जयपुर की अधिकांश सड़कों से कचरा पात्र नदारद है। इससे सड़कों पर गदंगी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए नगर निगम ने दिसम्बर में लीटरबींस का टेंडर किया था। कचरापात्र लगाने के लिए निगम ठेकेदार को सालभर के लिए 60 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान करेगा। ठैकेदार और निगम अधिकारियों की मिलीभगत के चलते शहर की सड़कों से कचरा पात्र गायब है और बिना काम के ठेकेदार को भुगतान हो रहा है। नगर निगम कार्यालय के आस-पास कई कचरा पात्र नजर आए जाएंगे, लेकिन जेएलएन मार्ग,टोंक रोड, महल रोड सहित अन्य प्रमुख मार्गो पर खोजने पर भी कचरा पात्र नजर नहीं आएंगे, कहीं नजर भी आएंगे तो वे खस्ताहाल है।
बाजरों को साफ सुथरा रखने के लिए निगम ने सभी दुकानदारों के साथ अन्य प्रतिष्ठानों को पाबंद कर रखा है। दुकान के अंदर और बाहर कचरा पात्र रखने के निर्देश दिए गए है। दुकान में दो कचरा पात्र नहीं मिलने पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। लेकिन सड़कों पर कचरा पात्र नजर नहीं आने पर वाहन चालक व आमजन खुले में कचरा फेंकने को मजबूर है। इससे सड़कों पर कचरा पड़ा नजर आता है। नगर निगम द्वारा खुले में कचरा डालने से रोकने और शहर को साफ रखने के लिए जगह-जगह डस्टबिन लगाने थे, लेकिन डस्टबिन नदारद होने से लोग सड़कों पर ही कचरा फेंक रहे हैं, जिससे गंदगी फैल रही है। इससे आवारा पशुओं का जमावड़ा और बदबू बढ़ रही है। बारिश या नमी के दिनों में कचरा सडऩे से संक्रमण और बीमारियां फैलने का डर रहता है। आमजन लगातार नगर निगम से नए लीटरबींस लगवाने और नियमित सफाई की मांग कर रहे हैं। नगर निगम ने सभी दुकानदारों और ठेला चलाने वालों को अपनी दुकान या ठेले पर अनिवार्य रूप से कचरा पात्र (डस्टबिन) रखने के निर्देश दिए हैं। कचरा सड़क या खुले में न डालकर केवल निगम के कचरा संग्रहण वाहनों में ही डालने को कहा गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना वसूला जा रहा जा रहा है। नगर निगम कुछ जगहों पर कैमरों से निगरानी भी कर रहा है। खुले में कचरा फेंकने वालों के चालान काट रहा है। अब तक निगम खुले में कचरा फें कने वालों सेहजारों रुपए का जुर्माना वसूल चुका है।
वर्तमान में निगम मुख्यालय एक्सईएन काम नीरु छीना संभाल रही है। निगम मुख्यालय हैडक्वार्टर के पास पहले से ही कई जिम्मेदारियां थी ,जिनका सही प्रकार से निर्वहन नहीं हो रहा था। हाल में एक आदेश जारी कर निगम मुख्यालय एक्सईएन का कार्यभार बढ़ा दिया गया है। जबकि पूर्व में कामों का विकें द्रीकरण कर आमजन को दी जाने वाले सुविधाओं को सुगम बनाने की कोशिश की गई थी जिसमें मुख्यालय के कामों का बंटवारा जोन सहित अन्य में किया गया था।
एक्सईएन मुख्यालय की बात करें तो पहले से सुलभ शौचालयों और मूत्रालयों के निर्माण और रख-रखाव, स्थाई स्थलों का रख-रखाव, श्री अन्नपूर्णा रसोइयों का रख रखाव, निगम मुख्यालय का रख-रखाव, आपदा प्रबंधन कार्य जैसे 11 काम पहले से ही हैं। 15 अगस्त को जारी आदेश में मोक्षधाम कब्रिस्तान सामुदायिक केंद्र और उद्यान संबंधी सिविल कार्यों को और जोड़ दिया है। पुरानी व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह था कि स्थानीय सिविल कामों के लिए फाइलों को मुख्यालय तक लाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। संबंधित जोन अधिकारी मौके पर जाकर स्थिति देख सकते थे।
नगर निगम मुख्यालय एक्सईएन नीरु छीपा ने बताया कि कचरा पात्र को लेकर सालभर के लिए दिसम्बर में टेंडर किया था टैंडर कितने का था इसकी मुझे जानकारी नहीं है। शहर को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए सड़कों पर लीटरबींस लगाए गए है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश