मेहंदी से सजेगा गणपति का दरबार: सिंजारे में उमड़ेगी श्रद्धा
जयपुर, 12 सितंबर (हि.स.)। गणेश चतुर्थी को लेकर राजधानी के प्रमुख गणेश मंदिरों में धार्मिक आयोजनों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 13 से 15 सितंबर तक मंदिरों में सिंजारा, विशेष शृंगार, अभिषेक, हवन, भोग, भजन-कीर्तन और शोभायात्राओं का आयोजन होगा। मोतीडूंगरी में 3500 किलो सोजत की मेहंदी से सिंजारा होगा, परकोटा गणेश मंदिर में 21 हजार लड्डुओं की झांकी सजाई गई। वहीं गढ़ गणेश में गणेश चतुर्थी पर साल में एक बार होने वाले बाल स्वरूप के दर्शन होंगे।
मोतीडूंगरी में 3500 किलो मेहंदी
मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 13 सितंबर को मेहंदी पूजन व सिंजारा महोत्सव होगा। भगवान को करीब 3500 किलो सोजत की मेहंदी अर्पित की जाएगी। रात 7.30 बजे पांच स्थानों से मेहंदी प्रसाद बांटा जाएगा। महिलाओं और कन्याओं के लिए अलग व्यवस्था रहेगी। गणेशजी को विशेष पोशाक, स्वर्ण मुकुट और नौलखा हार पहनाया जाएगा। मोती, सोना, पन्ना और माणक से सजे हार को महंत परिवार ने तीन माह में तैयार किया है। 14 सितंबर को सुबह 5 से रात 11.40 बजे तक दर्शन होंगे।
परकोटा में 21 हजार लड्डुओं की झांकी
चांदपोल स्थित परकोटा गणेश मंदिर में महंत अमित शर्मा के सान्निध्य में तीन दिवसीय गणेश महोत्सव के तहत 21 हजार लड्डुओं की भव्य झांकी सजाई गई। भगवान को लड्डुओं का भोग अर्पित कर विशेष दुर्वा झांकी सजाई गई। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। 13 सितंबर को 111 किलो मेहंदी अर्पित कर सिंजारा मनाया जाएगा। 14 सितंबर को सोने के वर्क से सजे गणेशजी को छप्पन भोग लगाया जाएगा तथा हवन, 108 गणपति अथर्वशीर्ष पाठ, दीपदान और भजन-कीर्तन होंगे।
बंगाली बाबा में 2500 किलो लड्डुओं की प्रसादी
दिल्ली रोड स्थित बंगाली बाबा गणेश मंदिर में रविवार से दो दिवसीय महोत्सव शुरू होगा। सुबह 9 बजे पंचामृत अभिषेक, 10 बजे सिंदूर अर्पण और 11 बजे सौभाग्य देवी पूजन, चन्द्रार्चन, मेहंदी व सौभाग्य अर्चन होगा। भक्तों को मेहंदी वितरित की जाएगी और महिलाओं के लिए मेहंदी लगाने की व्यवस्था रहेगी। 14 सितंबर को सुबह 5 बजे मोदक अर्पण, दोपहर 1 बजे महाआरती व बैंड वादन तथा शाम 6 बजे भजन संध्या होगी। 2500 किलो लड्डुओं की प्रसादी तैयार होगी, जिसमें 1000 किलो चीनी, 400 किलो घी और 400 किलो बेसन लगेगा।
नहर के गणेशजी में मोदकों की झांकी
ब्रह्मपुरी माउंट रोड स्थित दाहिनी सूंड दक्षिणमुखी श्री नहर के गणेशजी मंदिर में 13 सितंबर को शाम 5 बजे सिंजारा होगा। गणपति को हाथ से बनी लहरिया पोशाक व साफा पहनाकर असंख्य मोदकों की झांकी सजाई जाएगी। 5.30 बजे से नवीन चौले का सिंदूर और सिंजारे की मेहंदी बांटी जाएगी। प्रेम भाया मंडल भजन प्रस्तुत करेगा। 14 सितंबर को सुबह 5 बजे मंगला आरती और 15 सितंबर को ऋषि पंचमी का आयोजन होगा।
गढ़ गणेश में बाल स्वरूप के दर्शन
ब्रह्मपुरी स्थित गढ़ गणेश मंदिर में 13 से 15 सितंबर तक महा गणपति जन्मोत्सव होगा। महंत प्रदीप औदीच्य के सान्निध्य में 13 सितंबर को सिंजारा, मेहंदी अर्पण, गुड़धानी व डंके अर्पित किए जाएंगे। शाम 4 से रात 8 बजे तक सिद्ध मेहंदी वितरित होगी।
14 सितंबर को सुबह 4 बजे पंचामृत अभिषेक, सुबह 5 बजे मंगला आरती, सहस्र दुर्वाचन और एक हजार मोदकों का अर्पण होगा। दोपहर 12 बजे भोग आरती के बाद सहस्र नामावली से हवन, शाम 7 बजे संध्या आरती और रात 12 बजे शयन आरती होगी। इस दिन गणपति बिना सूंड और बिना वस्त्र के दुर्लभ बाल स्वरूप में दर्शन देंगे। 15 सितंबर को मेला और शोभायात्रा निकलेगी। मंदिर में बैरिकेडिंग, सुरक्षा कर्मियों और 24 घंटे सीसीटीवी की व्यवस्था रहेगी। वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगों के लिए अलग व्यवस्था होगी।
खोले के हनुमानजी में 11 हजार मोदक
श्री खोले के हनुमानजी मंदिर में नृत्यगोपाल गणेशजी का सिंजारा वैदिक मंत्रोच्चारण से होगा और मेहंदी प्रसाद बांटा जाएगा। गणेश चतुर्थी पर 51 किलो दूध से पंचामृत अभिषेक, नवग्रह व मातृका पूजन के बाद 111 किलो लड्डुओं की झांकी और महाआरती होगी। भगवान को 11 हजार विभिन्न प्रकार के मोदकों का भोग लगेगा, जिनमें 1100 मोदक 1008 नामावली से अभिमंत्रित होंगे। 15 सितंबर को ऋषि पंचमी पर वेद विद्यालय में नवप्रवेशित वैदिक बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार, हेमाद्रि संकल्प, दशविध स्नान, ऋषि तर्पण, गायत्री पूजन, हवन और नवीन यज्ञोपवीत धारण होगा।
श्वेत सिद्धिविनायक में महायज्ञ
सूरजपोल बाजार स्थित श्वेत सिद्धिविनायक मंदिर में 13 सितंबर को महिलाओं की ओर से सिंजारा महोत्सव होगा। 14 सितंबर को सुबह 5.15 से दोपहर 1.15 बजे तक पूजा व दुग्धाभिषेक के बाद पंचामृत अभिषेक और गणपति महायज्ञ होगा। पूर्णाहुति के बाद शाम को विशेष शृंगार झांकी और भक्ति संध्या होगी।
जय गणेश मंदिर में ऋतु फल-मेवों की झांकी
नाहरगढ़ रोड स्थित जय गणेश मंदिर में तीन दिवसीय महोत्सव के तहत 12 सितंबर को हस्त नक्षत्र और विजय मुहूर्त में भगवान गणेश का गाय के दूध, तिलों के जल, पंचामृत और विभिन्न रसों से अभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा हुई। आचार्य पं. अनूप जोशी ने बताया कि 13 सितंबर को सिंजारा उत्सव में भक्त गणेशजी को मेहंदी अर्पित करेंगे और श्रद्धालुओं को भी मेहंदी लगाई जाएगी। गणपति सहस्रनामावली के पाठ के बीच लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा।
14 सितंबर को मुख्य आयोजन में गणेशजी को नूतन पोशाक धारण कराकर मानक, मोती और पन्ना का कंठहार पहनाया जाएगा। विशेष पूजन व शृंगार के बाद ऋतु फल, मेवे और मोदकों की भव्य झांकी सजाई जाएगी। महोत्सव के दौरान मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति का माहौल रहेगा।
गणेश चतुर्थी पर शहर के इन प्रमुख मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। विशेष पूजन, शृंगार, भोग, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों से राजधानी गणपति भक्ति में रंगी नजर आएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश