लाडनूं पहुंचकर गंगाशहर के श्रावक-श्राविकाओं ने आचार्य महाश्रमण से किया सामूहिक खमत खामणा
बीकानेर, 19 सितंबर (हि.स.)। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा और तेरापंथ महिला मंडल गंगाशहर के श्रावक-श्राविकाओं ने लाडनूं पहुंचकर आचार्य श्री महाश्रमण के समक्ष सामूहिक खमत खामणा किया। पांच बसों से 300 से अधिक श्रावक-श्राविकाएं ‘चलो गुरु चरणों की ओर’ भाव के साथ लाडनूं पहुंचे। यात्रा में श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन का भाव रहा।
लाडनूं पहुंचने के बाद सभी ने प्रवचन पंडाल में आचार्य श्री महाश्रमण के प्रवचन का लाभ लिया। दोपहर 1.47 बजे आचार्य प्रवर ने सेवा का अवसर प्रदान किया। जैन लूणकरण छाजेड़ ने गुरुदेव से खमत खामणा करते हुए गंगाशहर चातुर्मास और लंबे प्रवास की अर्ज की। उन्होंने कहा कि इस बार मातृशक्ति के नेतृत्व में संघ गंगाशहर पधारने का निवेदन करने आया है।
तेरापंथ सभा गंगाशहर के अध्यक्ष नवरतन बोथरा और मंत्री जतन लाल संचेती ने भी आचार्य से खमत खामणा किया। संचेती ने गंगाशहर में पर्युषण पर्व के दौरान आयोजित कार्यक्रमों, अखंड जाप, त्याग-तपस्या और नवरंगी तप सहित अन्य गतिविधियों की जानकारी दी।
तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष प्रेम बोथरा और मंत्री रेखा चौरड़िया ने भी आचार्य श्री से गंगाशहर पधारने की अर्ज की। महिला मंडल की ओर से सामूहिक गीतिका प्रस्तुत कर गंगाशहर आने का अनुरोध किया गया। युवाचार्य महावीर कुमार ने महिला मंडल और सभा के पदाधिकारियों को सेवा-दर्शन का समय प्रदान किया। इसके बाद साध्वी प्रमुखा विश्रुतविभा जी के दर्शन और सेवा का लाभ लिया गया।
महिला मंडल के अनुसार गुरु दर्शन यात्रा का उद्देश्य सामूहिक खमत खामणा, गुरु के प्रति श्रद्धा को जीवन में उतारना, आध्यात्मिक चेतना जागृत करना और संगठनात्मक एकता को मजबूत करना रहा। यात्रा में लगभग सवा दो सौ बहनों ने सहभागिता की।
महिला मंडल अध्यक्ष प्रेम बोथरा ने बताया कि संरक्षिका, परामर्शिका, कार्यकारिणी सदस्यों और अन्य सदस्यों के साथ यह यात्रा श्रद्धा और आध्यात्मिक अनुभव से परिपूर्ण रही। मंत्री रेखा चौरड़िया ने कहा कि गुरु चरणों का सान्निध्य पाकर सभी में श्रद्धा, ऊर्जा और आध्यात्मिक उल्लास का संचार हुआ।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव