गणेशोत्सव में सजेगा जयपुर: मंदिरों में गूंजेंगे गणपति बप्पा के जयकारे
जयपुर, 10 सितंबर (हि.स.)। प्रथम पूज्य गणेशजी के जन्मोत्सव को लेकर जयपुर के प्रमुख गणेश मंदिरों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 13 से 15 सितंबर तक शहर में गणेश जन्मोत्सव, सिंजारा, विशेष श्रृंगार, धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और शोभायात्राओं के आयोजन होंगे। ब्रह्मपुरी स्थित ऐतिहासिक श्री गढ़ गणेश मंदिर, मोतीडूंगरी गणेश मंदिर, चांदपोल स्थित परकोटा गणेश मंदिर, दिल्ली रोड स्थित बंगाली बाबा गणेश मंदिर और सूरजपोल बाजार स्थित श्री श्वेत सिद्धिविनायक गणेश मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे। मंदिरों में फूलों, लाइटिंग और आकर्षक सजावट के साथ विशेष झांकियां सजाई जाएंगी।
गढ़ गणेश में 13 से 15 सितंबर तक जन्मोत्सव
ब्रह्मपुरी स्थित ऐतिहासिक श्री गढ़ गणेश मंदिर में महंत प्रदीप औदीच्य के सान्निध्य में तीन दिवसीय श्री महा गणपति जन्मोत्सव मनाया जाएगा। आयोजन की तैयारियों में महेश मेहता, गौरव मेहता और आनंद मेहता जुटे हैं।
13 सितंबर को सिंजारा महोत्सव के तहत गणपति को मेहंदी अर्पित की जाएगी। भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराए जाएंगे तथा गुड़धानी और डंके अर्पित किए जाएंगे। शाम 4 से रात 8 बजे तक श्रद्धालुओं को मेहंदी वितरित की जाएगी।
14 सितंबर को गणेश जन्मोत्सव मनाया जाएगा। सुबह 4 बजे पंचामृत अभिषेक के बाद पत्र-पुष्प माला से विशेष श्रृंगार होगा। मंदिर की विशेष परंपरा के अनुसार इस दिन गणपति को वस्त्र धारण नहीं कराए जाते, क्योंकि यहां भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन होते हैं। सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ सहस्त्र दुर्वाचन एवं सहस्त्र मोदक अर्पित किए जाएंगे। दोपहर 12 बजे भोग आरती के बाद सहस्त्र नामावली से हवन होगा। शाम 7 बजे संध्या आरती और रात 12 बजे शयन आरती होगी।
15 सितंबर को परंपरागत मेला होगा। सुबह अभिषेक एवं नवीन वस्त्र धारण कराने के बाद 5 बजे मंगला आरती और दोपहर 12 बजे भोग आरती होगी। शोभायात्रा के मंदिर पहुंचने के बाद शयन आरती की जाएगी।
श्री नहर के गणेशजी में दो दिन चौला-श्रृंगार
श्री नहर के गणेशजी महाराज मंदिर में 11 और 12 सितंबर को शुभ वेला में ध्वज स्थापना कर गजानंदजी महाराज का चौला एवं विशेष श्रृंगार महंत परिवार की ओर से किया जाएगा। इस दौरान दो दिन मुख्य मंदिर के पट मंगल रहेंगे। बाहर स्थित जगमोहन में गणेशजी के चित्र विराजित कर पूजा-अर्चना की जाएगी।
मंदिर की परंपरा के अनुसार यहां गणपति वर्षभर श्रृंगारित स्वरूप में विराजमान रहते हैं। इसलिए वर्ष में एक बार संपूर्ण चौला किया जाता है। विशिष्ट पन्नियों से वस्त्र एवं आभूषण तैयार कर महंत परिवार भगवान का पुन: श्रृंगार करता है। परंपरा के अनुसार बिना वस्त्राभूषण श्रृंगार के गणपति के दर्शन का विधान नहीं है।
13 सितंबर को शाम 5 बजे नवीन श्रृंगार और असंख्य मोदकों की झांकी के साथ सिंजारा उत्सव शुरू होगा। गणपतिजी को विशेष लहरिए की पौषाक और साफा धारण कराया जाएगा। शाम 5.30 बजे से प्रेम भाया मंडल की ओर से भजन-कीर्तन होगा। गणपति को अर्पित मेहंदी और नए चौले से प्राप्त सुख-समृद्धिदायक सिंदूर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद स्वरूप वितरित किया जाएगा। मान्यता है कि इसे प्राप्त करने से मांगलिक कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
मोतीडूंगरी में 3500 किलो मेहंदी, स्वर्ण मुकुट और नौलखा हार
मोतीडूंगरी गणेशजी मंदिर में 13 सितंबर को मेहंदी पूजन और सिंजारा होगा। सोजत की करीब 3500 किलो मेहंदी गणेशजी को अर्पित की जाएगी। पूजा के बाद रात 7.30 बजे पांच स्थानों से मेहंदी प्रसाद बांटा जाएगा। महिलाओं और कन्याओं के लिए मेहंदी की अलग व्यवस्था होगी।
इसी दिन गणेशजी को साल में केवल गणेश चतुर्थी पर धारण कराया जाने वाला स्वर्ण मुकुट पहनाया जाएगा। चांदी के सिंहासन पर गणेशजी विशेष पोशाक और नौलखा हार में विराजेंगे। मोती, सोना, पन्ना और माणक से सजे इस हार को महंत परिवार ने करीब तीन महीने में तैयार कराया है।
14 सितंबर को गणेश जन्मोत्सव होगा। सुबह 5 बजे मंगला आरती से रात 11.40 बजे शयन आरती तक दर्शन होंगे। सुबह 11.20 बजे विशेष पूजन, 11.30 बजे श्रृंगार आरती, दोपहर 2.15 बजे भोग आरती और शाम 7 बजे संध्या आरती होगी। भोग के दौरान दोपहर 1.30 से 2 बजे तक मंदिर के पट मंगल रहेंगे।
15 सितंबर को गणेशजी का नगर भ्रमण होगा। शोभायात्रा मोतीडूंगरी मंदिर से रवाना होकर एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार और नाहरगढ़ रोड होते हुए गढ़ गणेश मंदिर पहुंचेगी।
बंगाली बाबा मंदिर में मेहंदी और भजन संध्या
दिल्ली रोड स्थित बंगाली बाबा गणेश मंदिर में 13 और 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी महोत्सव होगा। मंदिर प्रबंध समिति के मुख्य संरक्षक रघुवीर शरण अग्रवाल, अध्यक्ष नारायण लाल अग्रवाल और उपाध्यक्ष संजय पतंग वाला के अनुसार 13 सितंबर सुबह 9 बजे पंचामृत अभिषेक, 10 बजे सिंदूर अर्पण तथा 11 बजे सौभाग्य देवी पूजन, चन्द्रार्चन, मेहंदी और सौभाग्य अर्चन होगा। श्रद्धालुओं को मेहंदी बांटने के साथ महिलाओं के हाथों पर मेहंदी भी लगाई जाएगी।
14 सितंबर सुबह 5 बजे मोदक अर्पित किए जाएंगे। दोपहर 1 बजे महाआरती और बैंड वादन होगा। शाम 6 बजे भजन संध्या में स्थानीय कलाकार भजनों की प्रस्तुतियां देंगे। मंदिर में गणेशजी का विशेष श्रृंगार किया जाएगा।
श्वेत सिद्धिविनायक में छह दिवसीय महोत्सव
सूरजपोल बाजार स्थित श्री श्वेत सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में महिलाओं की कलश यात्रा के साथ छह दिवसीय गणेश महोत्सव का आगाज हो चुका है। 10 सितंबर को महायज्ञ के साथ गन्ने के रस से अभिषेक, 11 सितंबर को हवन-यज्ञ, नववस्त्र श्रृंगार और छप्पन भोग की झांकी तथा 12 सितंबर को लड्डुओं की भव्य झांकी होगी।
13 सितंबर को महिलाओं की ओर से सिंजारा महोत्सव मनाया जाएगा। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर सुबह 5.15 से दोपहर 1.15 बजे तक पूजा और दुग्धाभिषेक होगा। इसके बाद पंचामृत अभिषेक और गणपति महायज्ञ होगा। पूर्णाहुति के बाद शाम को विशेष श्रृंगार झांकी और भक्ति संध्या होगी।
परकोटा गणेश मंदिर में 21 हजार लड्डुओं की झांकी
चांदपोल स्थित परकोटा गणेश मंदिर में महंत अमित शर्मा के सान्निध्य में जन्मोत्सव की तैयारियां चल रही हैं। मंदिर को विशेष लाइटिंग, फूलों की बंदरवाल और सजावट से सजाया जा रहा है। 12 सितंबर को 21 हजार लड्डुओं की भव्य झांकी सजाई जाएगी।
13 सितंबर को 111 किलो मेहंदी से सिंजारा उत्सव होगा। महंत परिवार गणेशजी को मेहंदी अर्पित करेगा। इसके बाद महिला मंडल बधाई गान प्रस्तुत करेगा और श्रद्धालुओं को मेहंदी वितरित की जाएगी। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर छप्पन भोग अर्पित कर भव्य झांकी सजाई जाएगी। भजन-कीर्तन के साथ मंदिर परिसर भक्तिमय रहेगा।
सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर
प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अलग-अलग दर्शन लाइन, प्रवेश-निकास व्यवस्था, वरिष्ठ नागरिकों और विशेष आवश्यकता वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन के सहयोग से सीसीटीवी कैमरे, बेरिकेडिंग और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहेगी। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग का पालन करने और व्यवस्थाओं में सहयोग करने की अपील की गई है।
गणेश जन्मोत्सव के दौरान जयपुर के प्रमुख गणेश मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों, विशेष झांकियों, मेहंदी-सिंदूर वितरण, भजन-कीर्तन और शोभायात्राओं के चलते शहर में चारों ओर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंजेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश