गणेश विसर्जन: तीन हजार औषधीय पौधों में मुस्कुराए गणपति

 


जयपुर, 25 सितंबर (हि.स.)। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों और ढोल की थाप के बीच शुक्रवार को टोंक रोड सांगानेर स्थित श्री पिंजरापोल गौशाला के वैदिक औषधीय पादप केंद्र, सनराइज ऑर्गेनिक पार्क में धन्वंतरि गणपति का अनूठा विसर्जन किया गया। पर्यावरण संरक्षण और औषधीय पौधों के संवर्धन से जोड़ते हुए गौमाता के गोबर, उपजाऊ मिट्टी और तुलसी, शतावरी, पीकेएम मोरिंगा व नागौरी अश्वगंधा सहित औषधीय बीजों से गणपति की प्रतिमा तैयार की गई थी।

अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक डॉ. अतुल गुप्ता और हैनीमैन एनिमल चैरिटेबल मिशन सोसाइटी की सचिव मोनिका गुप्ता ने विधि-विधान से पूजन किया। इसके बाद प्रतिमा को शोभायात्रा के रूप में विसर्जन स्थल तक ले जाया गया। गौसेवक, वेदपाठी बटुक और श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए शामिल हुए। जमीन में बनाए अस्थायी तालाब में प्रतिमा का विसर्जन कर पुष्प अर्पित कर विदाई दी गई।

डॉ. गुप्ता और मोनिका गुप्ता ने बताया कि प्रतिमा की मिट्टी मिले जल को तीन हजार से अधिक औषधीय पौधों की जड़ों में समाहित किया गया। इससे प्रतिमा प्रकृति में पुन: समाहित होकर औषधीय पौधों के रूप में नया जीवन पाएगी। श्रद्धालुओं ने गणपति को प्रकृति में जीवंत रखने का संकल्प लिया।

इस कार्यक्रम में समाजसेवी मुकेश भारद्वाज, मधुसूदन दाधीच, ए.के. जैन और वी.डी. तिवाड़ी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश