पुष्य नक्षत्र पर गणेश मंदिरों में गूंजेंगे मंत्र: होगा पंचामृत अभिषेक
जयपुर, 11 अगस्त (हि.स.)। राजधानी में बुधवार, 12 अगस्त को पुष्य नक्षत्र के अवसर पर प्रथम पूज्य भगवान गणेश के विभिन्न मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। कहीं दूर्वा मार्जन से पंचामृत अभिषेक होगा तो कहीं सैकड़ों किलो दूध और पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। अथर्वशीर्ष एवं सहस्त्रनामावली के पाठ के साथ मोदकों की आहुति, विशेष श्रृंगार, फूल बंगला झांकी और भोग के आयोजन होंगे।
ब्रह्मपुरी माउंट रोड स्थित अति प्राचीन दाहिनी सूंड दक्षिणमुखी श्री नहर के गणेशजी महाराज मंदिर में मंदिर परिवार की ओर से दूर्वा मार्जन से पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। मंदिर युवाचार्य पं. मानव शर्मा ने बताया कि मंदिर महंत पं. जय शर्मा के सानिध्य में शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से अभिषेक के बाद भगवान को नवीन पोशाक धारण कराकर विशेष पूजा-अर्चना और आरती की जाएगी। शाम को 251 दीपकों से महाआरती होगी। श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि और विघ्न निवारण की कामना के साथ रक्षा सूत्र वितरित किए जाएंगे।
चांदपोल स्थित परकोटा गणेश मंदिर में हरियाली अमावस्या और पुष्य नक्षत्र के अवसर पर महंत पं. अमित शर्मा के सानिध्य में 101 किलो दूध और पंचामृत से भगवान गणेश का अभिषेक होगा। दूध, दही, शहद, गंगाजल, केवड़ा, गुलाब जल और केसर जल से अभिषेक के बाद सिंदूर का चोला और नवीन पोशाक धारण कराई जाएगी। गणपति सहस्त्रनामावली से हवन कर 1008 मोदकों की आहुति दी जाएगी। वन विहार की अलौकिक झांकी सजाकर विभिन्न मिष्ठानों और घेवर से बने व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। मंदिर परिसर को लहरिया थीम पर सजाया जाएगा। गणपति अथर्वशीर्ष के पाठ के बाद श्रद्धालुओं को हल्दी की गांठ और सुपारी प्रसाद के रूप में वितरित की जाएगी। शाम को भजन संध्या भी होगी।
जयपुर स्थापना के समय के गढ़ गणेश मंदिर में महंत प्रदीप औदीच्य के सानिध्य में पुरुषाकृति गणेशजी का पंचामृत अभिषेक होगा। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भी गणेशजी महाराज का पंचामृत अभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना होगी। मंदिर महंत पं. कैलाश शर्मा के अनुसार अभिषेक में दूध, दही, घी, बूरा, शहद, केवड़ा जल, गुलाब जल तथा केवड़ा और गुलाब इत्र का उपयोग किया जाएगा। पहले गंगाजल, केवड़ा जल और गुलाब जल से अभिषेक होगा, इसके बाद पंचामृत अभिषेक और अंत में गंगाजल से स्नान कराया जाएगा। सुबह 11 बजे गणपति सहस्त्रनाम के साथ मोदक अर्पित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र और स्वास्थ्य की कामना से हल्दी का प्रसाद दिया जाएगा। शाम को भगवान फूल बंगले में विराजमान होकर नवीन पोशाक धारण करेंगे और विशेष भोग लगाया जाएगा।
इसके अलावा सूरजपोल बाजार स्थित श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर में पंचामृत अभिषेक के बाद नवीन पोशाक धारण कराई जाएगी। चौड़ा रास्ता स्थित काले गणेशजी, दिल्ली बाईपास रोड स्थित आत्माराम गणेश मंदिर, बड़ी चौपड़ स्थित ध्वजाधीश गणेशजी सहित शहर के अन्य गणेश मंदिरों में भी पुष्याभिषेक और विशेष धार्मिक अनुष्ठान होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश