गणेश चतुर्थी : घर-घर और पंडालों में विराजे गणपति
जयपुर, 14 सितंबर (हि.स.)। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर सोमवार को छोटीकाशी जयपुर पूरी तरह गणेशमय नजर आई। गणपति जन्मोत्सव के अवसर पर घर-घर, देवालयों और शहर के विभिन्न सार्वजनिक पंडालों में प्रथम पूज्य भगवान गणेश की प्रतिमाएं शुभ मुहूर्त में स्थापित की गईं। सुबह से देर शाम तक ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने गणेशजी का अभिषेक, षोडशोपचार पूजन और आरती कर मोदक व मेवे का भोग लगाया तथा सुख-समृद्धि की कामना की।
इस बार गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज एक ही दिन होने से शहर में धार्मिक गतिविधियां विशेष रूप से नजर आईं। पंडित राजेश कुमार शर्मा के अनुसार सोमवार को भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि सुबह 7:06 बजे तक रही, इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हुई। चतुर्थी, सोमवार, हरतालिका तीज और स्वाति नक्षत्र का संयोग धार्मिक दृष्टि से विशेष और फलदायी माना गया। उदयातिथि और शुभ मुहूर्त के आधार पर 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई गई। हरतालिका तीज पर महिलाओं ने सुबह भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन कर अखंड सौभाग्य की कामना की। इसके बाद मध्याह्न काल में गणपति प्रतिमाओं की स्थापना कर पूजा-अर्चना की गई। चतुर्थी तिथि 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे तक रहेगी।
गणेश चतुर्थी पर घरों के मुख्य द्वार पर विराजमान द्वारपाल गणेशजी का भी विशेष पूजन हुआ। श्रद्धालुओं ने गणेशजी का अभिषेक कर सिंदूरी चोला धारण कराया और गुड़-धानी का भोग लगाया। शहर के विभिन्न घरों और सार्वजनिक पंडालों में रिद्धि-सिद्धि के दाता की प्रतिमाएं स्थापित कर गणेशोत्सव की शुरुआत की गई।
बनीपार्क स्थित माधव सिंह सर्किल के ‘माधव विलास’ में शुभ मुहूर्त में गणपति स्थापना की गई। इससे पहले माधव विलास स्थित शिव मंदिर से गाजे-बाजे के साथ ‘माधव विलास चा राजा’ की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। दोपहर अभिजीत मुहूर्त में धार्मिक विधि-विधान से गणपति महाराज को विराजित किया गया।
स्थापना समारोह में निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर आचार्य नर्मदा शंकर पुरी महाराज, अवध बिहारी कुंज के महामंडलेश्वर डॉ. गणेश दास महाराज, कान्हादास महाराज, कौशल्या दास जी महाराज की बगीची, गोपालशरण महाराज, संकटमोचन हनुमान मंदिर, आचार्य सुरेन्द्र कृष्ण भारद्वाज (तिल्दह धाम आश्रम), मनु महाराज (गायत्री परिवार) तथा आचार्य राजेश शास्त्री का पावन सान्निध्य रहा।
समारोह में ऊषा-ओमप्रकाश मालपानी, रीतू-बसंत, चेतना-शरद (कुचामन वाले) सहित बहुमंजिला आवासीय भवन के निवासियों ने प्रथम पूज्य की महाआरती की। बजरंग बोनांजा ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन दोपहर 12:15 बजे और शाम 7:15 बजे महाआरती होगी। इसके साथ भजन संध्या और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
गणेशोत्सव के तहत बनीपार्क, विद्याधर नगर, वैशाली नगर, मानसरोवर, पत्रकार कॉलोनी और प्रताप नगर सहित शहर की दर्जनों बहुमंजिला इमारतों और सोसायटियों में भी गणपति की स्थापना की गई। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गणेशोत्सव की शुरुआत की।
गणेश चतुर्थी पर जयपुर के ऐतिहासिक परकोटे के प्रमुख दरवाजों पर विराजमान द्वारपाल गणेशजी का भी विशेष पूजन किया गया। चांदपोल गेट, सूरजपोल गेट, अजमेरी गेट, न्यू गेट, जोरावर सिंह गेट, घाटगेट और सांगानेरी गेट स्थित गणेश प्रतिमाओं की नगर निगम अधिकारियों ने पूजा-अर्चना कर आरती उतारी।
द्वारपाल गणेश प्रतिमाएं ऊंचाई पर होने के कारण पूजन के लिए नगर निगम प्रशासन ने जेसीबी की सहायता ली। नगर निगम चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण इस बार जनप्रतिनिधियों के स्थान पर अधिकारियों ने ही परंपरा का निर्वहन करते हुए पूजन किया। इस दौरान शहर के प्रमुख गणेश मंदिरों और पंडालों में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और पूरा शहर गणपति भक्ति में रंगा नजर आया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश