वर्षा ऋतु में वात रोगों से राहत के लिए एनआईए में निःशुल्क पंचकर्म शिविर शुरू

 


जयपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के अधीन राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (मानद विश्वविद्यालय), जयपुर के पंचकर्म विभाग की ओर से वर्षा ऋतु के दौरान वात जनित रोगों की रोकथाम और बेहतर स्वास्थ्य के उद्देश्य से निःशुल्क पंचकर्म चिकित्सा शिविर शुरू किया गया है। शिविर में योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञों की देखरेख में आमजन को निःशुल्क बस्ति चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी।

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर संजीव शर्मा ने बताया कि आयुर्वेद में वर्षा ऋतु को बस्ति चिकित्सा के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माना गया है। यह चिकित्सा वात दोष के शमन, शरीर के शोधन तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने आमजन से इस निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

पंचकर्म विभागाध्यक्ष प्रोफेसर गोपेश मंगल ने बताया कि वर्षा ऋतु में वात दोष बढ़ने से कमर दर्द, पीठ दर्द, जोड़ों का दर्द, शारीरिक जकड़न, थकान और दुर्बलता जैसी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं। ऐसे में बस्ति चिकित्सा इन रोगों से राहत देने के साथ-साथ वृद्धावस्था जनित विकारों की रोकथाम में भी लाभकारी मानी जाती है। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा रोगियों का परीक्षण कर आवश्यकता के अनुसार उपचार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इच्छुक व्यक्ति प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के पंचकर्म विभाग, जौरावर सिंह गेट, आमेर रोड, जयपुर में पंजीकरण कर शिविर का लाभ उठा सकते हैं।

इस अवसर पर प्रो. पी. हेमंता, प्रो. अनिता शर्मा, प्रो. सुरेन्द्र शर्मा, प्रो. महेन्द्र प्रजापति, डॉ. सर्वेश सिंह, डॉ. विपिन तंवर, डॉ. वैभव बापट,डॉ. अनुश्री डी., डॉ. लोकेश सहित पंचकर्म विभाग के सभी चिकित्सक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश