नेत्र चिकित्सा सेवा आध्यात्मिक साधना: देवनानी

 


जयपुर, 17 अप्रैल (हि.स.)। जयपुर में नृसिंह मंदिर परिसर में आयोजित 150वें नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का शुभारंभ राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शिविर का आयोजन अशोका फाउंडेशन द्वारा किया गया।

इस अवसर पर देवनानी ने कहा कि नेत्र चिकित्सा सेवा केवल सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि एक प्रकार की आध्यात्मिक साधना है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद एवं निर्धन वर्ग को निःशुल्क जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा मिलती है, जो अत्यंत सराहनीय पहल है।

उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना भी की।

देवनानी ने कहा कि समाज में स्थायी परिवर्तन केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि निस्वार्थ सेवा, समर्पण और सामूहिक प्रयासों से आता है। जब समाज जागरूक होकर सेवा कार्यों में भागीदारी निभाता है, तभी राष्ट्र सशक्त और संस्कारवान बनता है।

उन्होंने 150वें शिविर को सेवा यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि सेवा के दीप को और अधिक प्रज्वलित करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति की आंखों में प्रकाश लौटता है, तो वह केवल दुनिया ही नहीं, बल्कि अपने जीवन के अर्थ और ईश्वर की कृपा को भी नए दृष्टिकोण से अनुभव करता है।

कार्यक्रम के अंत में देवनानी ने उपस्थित चिकित्सकों, स्वयंसेवकों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रयासों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

फाउंडेशन के मार्गदर्शक भारतीय राजस्व सेवा के वरिष्ठ अधिकारी आयकर आयुक्त डॉ. धीरज जैन ने बताया कि चयनित मरीजों का शनिवार को पूर्णतः निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन होगा। ऑपरेशन के बाद मरीजों की दो फॉलो-अप जांच, आवश्यक दवाइयाँ एवं परामर्श निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे।

जयपुर में अशोका फाउंडेशन के विभिन्न शिविरों में जिन्होंने सहयोग किया उन संस्थाओं और व्यक्तियों काे भी स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के सुरेश उपाध्याय, भारतीय किसान संघ की राष्ट्रीय महिला प्रमुख मंजू दीक्षित, पुण्यार्थम् के संजय कुमार, केशव, वर्तिका सैन, विष्णु जायसवाल, क्षितिज बंसल आदि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित