आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर पहली बार चार दिवसीय मरु निनाद शिविर
आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर पहली बार चार दिवसीय मरु निनाद शिविर
14 नवंबर को शहर में निकालेंगे 3 संचलन, 13 से 70 साल के स्वयंसेवक करेंगे घोष वादन
जोधपुर, 02 नवम्बर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर जोधपुर में पहली बार चार दिवसीय मरु निनाद शिविर होगा। 12 से 15 नवंबर तक शिकारपुरा स्थित राजाराम आश्रम में होने वाले शिविर में देशभर से 5 हजार से अधिक स्वयंसेवक शामिल होंगे। इसकी तैयारियों के तहत 14 नवंबर को शहर में तीन घोष संचलन निकाले जाएंगे। इनमें 13 साल के बच्चों से लेकर 70 साल तक के बुजुर्ग स्वयंसेवक आनक, शंख और बांसुरी सहित विभिन्न वाद्य यंत्रों पर घोष वादन करेंगे। 15 नवंबर को समापन समारोह में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
संघ की रचना के अनुसार महानगर के 18 नगरों में सुबह-शाम घोष वादन का अभ्यास चल रहा है। युवा आनक, बुजुर्ग शंख और बच्चे बांसुरी बजाने का अभ्यास कर रहे हैं। योजना के तहत प्रत्येक स्वयंसेवक को कम से कम 10 तरह की रचनाएं बजाने में दक्ष बनाया जा रहा है।
अभ्यास के दौरान सुबह 5 बजे जागरण से रात 10 बजे दीप विसर्जन तक भारतीय संगीत कला की विभिन्न रचनाओं का अभ्यास किया जा रहा है। घोष संचलन के रास्ते पर व्यापारियों, समाजों और संस्थाओं ने स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा होगी। महिलाएं मंगल कलश लेकर मंगल गीत गाते हुए स्वयंसेवकों का स्वागत करेंगी। दीप जलाकर अभिवादन भी किया जाएगा। प्रमुख चौराहों पर संतों के सान्निध्य में मंच सजाए जाएंगे। स्वागत द्वार, रंगोलियां और कारपेट बिछाए जाएंगे। देवी-देवताओं, महापुरुषों और मारवाड़ के संतों, वीर-वीरांगनाओं की झांकियां सजाई जाएंगी।
एक हजार स्वयंसेवक तैयारियों में जुटे
शहर में पहली बार हो रहे मरु निनाद को लेकर विहिप, बजरंग दल सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह है। शिविर में प्रांत के 21 जिलों के कार्यकर्ता और शहर के एक हजार स्वयंसेवक शामिल हो रहे हैं। कार्यकर्ता सब मेहनत का एक ही सार, अबकी बार एक हजार पार के जयनाद के साथ तैयारियों में जुटे हैं। शहर में मरु निनाद के पथ संचलन के लिए 13 साल के बच्चों से लेकर 70 साल के बुजुर्ग बांसुरी, ढोल सहित अन्य यंत्र का रिहर्सल करने में जुटे हुए हैं। 12 से 15 नवंबर तक शिकारपुरा स्थित राजाराम आश्रम में शिविर भी लगेगा।
शहर में तीन रास्तों से निकलेंगे संचलन
पहला संचलन सुमेर स्कूल से पावटा चौराहा, कचहरी के सामने से होते हुए उम्मेद स्टेडियम पहुंचेगा। दूसरा संचलन उम्मेद स्टेडियम से नई सडक़, जालोरी गेट, गोल बिल्डिंग और बी रोड होते हुए गांधी मैदान पहुंचेगा। तीसरा संचलन गांधी मैदान से जलजोग चौराहा, 12वीं रोड, आखलिया चौराहा और प्रतापनगर होते हुए आदर्श विद्या मंदिर केशव परिसर में संपन्न होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश