राजस्थान में ‘सरसों संकल्प’ नाम से पांच वर्षीय कार्यक्रम शुरू, आधुनिक सरसाें की खेती काे बढ़ावा मिलेगा

 


जयपुर, 08 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान में सरसों की खेती को अधिक टिकाऊ और जलवायु अनुकूल बनाने के उद्देश्य से सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एडब्लूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड, सॉलिडरीडाड नेटवर्क एशिया लिमिटेड और भारतखंड फाउंडेशन ने ‘सरसों संकल्प’ नाम से पांच वर्षीय कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल के माध्यम से राजस्थान के बूंदी, टोंक और झालावाड़ जिलों में आधुनिक सरसों खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। एडब्लूएल एग्री बिजनेस के सीएआर कार्यक्रम के सहयोग से संचालित इस पहल का उद्देश्य मिट्टी की सेहत सुधारने, पानी और कृषि संसाधनों के बेहतर उपयोग, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की क्षमता बढ़ाने तथा किसानों के कृषि परिणामों को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। कार्यक्रम के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में 15 हजार किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से विस्तार करते हुए वित्त वर्ष 2030-31 तक 40 हजार किसानों तक पहुंचने की योजना है। कार्यक्रम के लिए कुल 16 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम के लिए एमओयू पर मुंबई के द वेस्टिन, पॉवई लेक में आयोजित एसईए की वार्षिक आमसभा और वार्षिक पुरस्कार समारोह के दौरान हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर एडल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड के कार्यकारी उपाध्यक्ष अंशु मलिक ने कहा कि ‘सरसों संकल्प’ के माध्यम से किसानों, स्वस्थ मिट्टी और मजबूत कृषि समुदायों में दीर्घकालिक निवेश किया जा रहा है। यह साझेदारी व्यावहारिक पुनर्योजी खेती के तरीकों को लागू करने और उनके परिणामों को मापने के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी।

बैठक में एसईए के अध्यक्ष संजीव अस्थाना ने कहा कि सरसों संकल्प की यह दिखाती है कि खाद्य तेल उद्योग व्यवस्थित ब्ैत् कार्यक्रम के माध्यम से किसानों और कृषि समुदायों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

एसईए के कार्यकारी निदेशक डॉ. बी. वी. मेहता, सॉलिडरीडाड नेटवर्क एशिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. शतद्रु चट्टोपाध्याय, डॉ. सुरेश मोटवानी, जनरल मैनेजर, सॉलिडरीडाड और कोऑर्डिनेटर,- सॉलिडरीडाड सस्टेनेबल ऑयलसीड मिशन ने अपनी बात कही।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव