पांच प्रमुख ग्रह बदलगे अपनी राशि:कई शुभ योगों का होगा निर्माण
जयपुर, 01 जून (हि.स.)। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जून 2026 ग्रह-नक्षत्रों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली महीना रहने वाला है। इस माह सूर्य, गुरु, शुक्र, मंगल और बुध जैसे पांच प्रमुख ग्रह अपनी राशि बदलेंगे। ग्रहों के इन महत्वपूर्ण गोचरों से जहां कई शुभ राजयोगों का निर्माण होगा। वहीं देश-दुनिया, राजनीति, व्यापार, अर्थव्यवस्था तथा सभी 12 राशियों के जातकों पर इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा।
पंडित राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि जून माह में ग्रहों की स्थिति में होने वाले बड़े बदलावों के कारण गजलक्ष्मी योग, हंस राजयोग और रूचक राजयोग जैसे कई शुभ योग बनेंगे। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि ग्रहों की चाल में बदलाव व्यक्ति के जीवन, समाज और राष्ट्र तक पर प्रभाव डालता है।
शर्मा ने बताया कि 2 जून को देवगुरु बृहस्पति मिथुन राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही गुरु पुष्य नक्षत्र में भी प्रवेश करेंगे, जिसे ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना गया है। गुरु ग्रह धन, ज्ञान, शिक्षा, संतान, विवाह, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का कारक माना जाता है। कर्क राशि में गुरु की उच्च स्थिति होने के कारण इसका सकारात्मक प्रभाव अनेक राशियों पर देखने को मिलेगा। इसके बाद 8 जून को शुक्र ग्रह कर्क राशि में गोचर करेंगे। शुक्र को वैभव, भौतिक सुख, सौंदर्य, कला, प्रेम और विलासिता का कारक ग्रह माना जाता है। कर्क राशि में गुरु और शुक्र की युति से लगभग 12 वर्ष बाद गजलक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा। यह योग आर्थिक उन्नति, धन लाभ, प्रतिष्ठा और भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि का संकेत देता है।
15 जून को ग्रहों के राजा सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे और 16 जुलाई तक इसी राशि में रहेंगे। सूर्य को आत्मबल, स्वास्थ्य, प्रतिष्ठा, प्रशासनिक क्षमता, नेतृत्व और सरकारी क्षेत्र का कारक माना जाता है। सूर्य के इस गोचर का प्रभाव सरकारी कार्यों, प्रशासनिक निर्णयों तथा उच्च पदों पर विशेष रूप से दिखाई देगा।
21 जून को ग्रहों के सेनापति मंगल वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल ऊर्जा, साहस, पराक्रम, भूमि, भवन, सेना और तकनीकी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। मंगल का यह गोचर कुछ राशियों के लिए सफलता और नई उपलब्धियों के अवसर लेकर आएगा, जबकि कुछ राशियों को क्रोध, विवाद और स्वास्थ्य संबंधी मामलों में सावधानी रखनी होगी। इसके बाद 22 जून को बुध ग्रह मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। बुध को बुद्धि, तर्कशक्ति, वाणी, शिक्षा, संचार, लेखन और व्यापार का कारक माना जाता है। बुध के इस परिवर्तन का प्रभाव व्यापारिक गतिविधियों, शिक्षा क्षेत्र और संचार माध्यमों पर देखने को मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश