एक फोटो पूरी कहानी को बयां कर देती है: जस्टिस व्यास

 


जोधपुर, 13 मई (हि.स.)। फोटोग्राफी केवल तस्वीर लेना नहीं, बल्कि भावों को जीवंत अभिव्यक्ति देना है। कई बार जो बातें शब्दों में नहीं कही जा सकतीं, उन्हें एक तस्वीर सहजता से बयां कर देती है। यह विचार पूर्व न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास ने पुष्करणा सृजन समिति एवं पुष्करणा चिंतन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय फोटोग्राफी वर्कशॉप के समापन समारोह में व्यक्त किए।

भूतनाथ मंदिर के प्रांगण में बुधवार को आयोजित समारोह में प्रतिभागियों द्वारा पांच दिनों के दौरान क्लिक किए गए उत्कृष्ट छायाचित्रों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में प्रकृति, मानवीय भाव, स्थापत्य, लोकजीवन और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर आधारित तस्वीरों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

व्यास ने अपने कहा कि एक कुशल छायाकार साधारण दृश्य को भी अपनी दृष्टि और संवेदनशीलता से असाधारण बना देता है। उन्होंने कहा कि कैमरे में कैद एक क्षण समय के साथ इतिहास बन जाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ छायाकार प्रोफेसर शिवजी जोशी ने की। विशिष्ट अतिथि पूर्व महाधिवक्ता अनिल जोशी थे।

मुख्य प्रशिक्षक मनोज बोहरा ने बताया कि शिविर के दौरान प्रतिभागियों ने आउटडोर फोटोग्राफी, पोर्ट्रेट, लाईट इफेक्ट्स तथा कंपोजिशन जैसी महत्वपूर्ण विधाओं का अभ्यास किया। सह प्रशिक्षक अमित व्यास ने भी संबोधित किया।

प्रारंभ में सोसायटी के अध्यक्ष आनंद राज व्यास एवं सत्य प्रकाश बोहरा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर सर्व ब्राह्मण महासभा राजस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष सत्यप्रकाश बोहरा, जोधपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दिनेश गहलोत, वीर दुर्गादास राठौड़ स्मृति समिति के सचिव भागीरथ वैष्णव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में संयोजक रामजी व्यास, ज्ञानेंद्र व्यास, अनिल पुरोहित, आनंद पुरोहित, महेंद्र पुरोहित सहित मॉडल महेश व्यास एवं रवि पुरोहित का विशेष सहयोग रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश