गोयनका मंदिर में गूंजे दादी मां के जयकारे, पांच दिवसीय भादों अमावस्या उत्सव का शुभारंभ
फतेहपपुर, 07 सितंबर (हि.स.)। फतेहपुर शेखावाटी स्थित प्रसिद्ध गोयनका मंदिर में सोमवार को भादों अमावस्या उत्सव का भव्य एवं श्रद्धामय शुभारंभ हुआ। कुलदेवी दादी मां के प्रति आस्था और श्रद्धा प्रकट करने के लिए देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से गोयनका समाज के परिवार मंदिर पहुंचे।
पांच दिवसीय उत्सव के पहले दिन श्रद्धालुओं ने कुलदेवी के दरबार में ढोक लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। परिवार सहित पहुंचे समाजबंधुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर दादी मां के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए। कुलदेवी के प्रति सम्मान, समर्पण और आस्था का यह भाव पूरे मंदिर परिसर में नजर आया। दादी मां के जयकारों और पूजा-अर्चना के बीच वातावरण भक्तिमय बना रहा।
भादों अमावस्या उत्सव गोयनका समाज के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक है। फतेहपुर शेखावाटी में हर वर्ष पांच दिनों तक आयोजित होने वाले इस उत्सव में मारवाड़ क्षेत्र से सैकड़ों वर्ष पहले व्यापार सहित अन्य कारणों से देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों में जाकर बसे गोयनका परिवार अपनी जड़ों से जुड़ने के लिए यहां पहुंचते हैं। उत्सव के दौरान समाजजन कुलदेवी की पूजा-अर्चना के साथ समाज की शांति, समृद्धि और नई पीढ़ी की प्रगति के लिए मंगलकामना करते हैं।
उत्सव के पहले दिन वृंदावन की साध्वी श्रद्धा गोपाल सरस्वती दीदी के तीन दिवसीय अमृतमयी प्रवचनों का भी शुभारंभ होगा। आयोजकों ने फतेहपुर शेखावाटी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी इन प्रवचनों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। आयोजकों का कहना है कि प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक चिंतन और जीवन मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
पांच दिवसीय उत्सव के दौरान सामूहिक मंगल पाठ, भजनों की हाउजी, योग साधना, कन्या पूजन, दादी मां की मेहंदी, आरती, अभिषेक, धोक पूजन और प्रसाद वितरण सहित विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिदिन सुबह 5.30 बजे मंगल आरती, सुबह 7 बजे श्रृंगार आरती और शाम 7 बजे संध्या आरती होगी।
उत्सव में भारत और विदेशों में बसे गोयनका समाज के करीब 600 परिवारों के शामिल होने की संभावना है। इनमें देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित लोग भी शामिल होते हैं। विशेष बात यह है कि देश के महानगरों और विदेशों में पली-बढ़ी समाज की नई पीढ़ी भी इस पारंपरिक उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लेती है।
आध्यात्मिकता, परंपरा और सदियों पुरानी विरासत को समेटे भादों अमावस्या उत्सव फतेहपुर शेखावाटी में हर वर्ष भव्यता के साथ मनाया जाता है। दादी मां के दरबार में देश-विदेश से एकत्रित होते परिवार इस आयोजन को केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि अपनी जड़ों, परंपराओं और पारिवारिक विरासत से जुड़ने का भावनात्मक अवसर भी बना देते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित