सागवाड़ा की यशवंती पाटीदार बनीं सनातनी किन्नर अखाड़े की पहली महंत
डूंगरपुर, 29 मार्च (हि.स.)। डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा तहसील के छोटे से गाँव कोकापुर की यशवंती पाटीदार (यशवंती किन्नर) ने आध्यात्मिक जगत में एक नया इतिहास रच दिया है। यशवंती को अंतरराष्ट्रीय सनातनी किन्नर अखाड़े में 'महंत' के प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त किया गया है। वे इस प्रतिष्ठित अखाड़े से महंत के रूप में जुड़ने वाली राजस्थान की पहली किन्नर बन गई हैं। इस उपलब्धि से न केवल वागड़ क्षेत्र, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ा है।
यशवंती का विधिवत पट्टाभिषेक 'कांति दल' के सनातन केंद्र अखाड़े में भव्य धार्मिक अनुष्ठानों के बीच संपन्न हुआ। इस गरिमामय समारोह में देश की नामचीन आध्यात्मिक विभूतियाँ साक्षी बनीं, जिनमें सनातनी किन्नर अखाड़े के आचार्य श्री कौशल्यानन्द गिरी, सुप्रसिद्ध समाज सेविका गौरी सावंत माँ, भवानी माँ, दिल्ली से डोली माँ व पूनम माँ और प्रेम पूरी महाराज जैसे संत शामिल रहे। संतों के सान्निध्य में हुए इस आयोजन ने समावेशी सनातन परंपरा का एक जीवंत उदाहरण पेश किया है।
यशवंती की इस सफलता का एक महत्वपूर्ण पहलू उनकी शिक्षा भी है। वे वर्तमान में गुरुकुल महाविद्यालय, सागवाड़ा में तृतीय सेमेस्टर में अध्ययनरत हैं। महाविद्यालय के निदेशक भरत जोशी ने इस गौरवशाली क्षण पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उनका संस्थान राज्य का पहला ऐसा महाविद्यालय है जिसने सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देते हुए 'थर्ड जेंडर' को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यशवंती की यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि समाज का मार्गदर्शन सही हो, तो शिक्षा के माध्यम से कोई भी व्यक्ति शिखर तक पहुँच सकता है। यशवंती के महंत बनने पर पूरे क्षेत्र और महाविद्यालय परिवार में जश्न का माहौल है और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी जा रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष