रक्षाबंधन कल, बाजारों में रही रौनक

 


जोधपुर, 27 अगस्त (हि.स.)। भाई-बहन के प्रेम और रक्षा-संवेदनाओं का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। रक्षा बंधन पर्व को लेकर शहर के बाजार गुलजार हो गए है। मिठाइयों व राखियों की दुकानों पर आज भीड़ रही। इस बार भद्रा का साया नहीं रहेगा, जिससे त्योहार पूरी तरह शुभ रहेगा।

पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि आज सुबह करीब 9 बजकर 8 मिनट पर शुरू हो गई जो 28 अगस्त को सुबह करीब 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। पूर्णिमा तिथि दो तारीखों में होने के कारण ही रक्षाबंधन की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है। धार्मिक परंपरा में रक्षाबंधन के लिए उदया तिथि और भद्रा की स्थिति को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में इस वर्ष 28 अगस्त को पर्व मनाना निर्धारित किया गया है।

इस बार रक्षाबंधन का पर्व सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जाएगा और इसी के साथ सावन मास का समापन भी होगा। सावन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। पूरे महीने शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना का दौर चलता है। सावन के अंतिम दिन पूर्णिमा होने से धार्मिक दृष्टि से भी इस दिन का महत्व बढ़ जाता है। रक्षाबंधन के अवसर पर भाई-बहन के अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी एक-दूसरे को शुभकामनाएं देंगे। कई घरों में कुलदेवता और इष्टदेव की पूजा के बाद राखी बांधने की परंपरा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिलता है।

इस बार बाजारों में आकर्षक डिजाइनों की राखियां को लेकर लड़कियों में गजब का क्रेज नजर आ रहा है। रक्षा बंधन कल है लेकिन आज शहर के बाजारों में महिलाओं की काफी चहलपहल रही। सुबह से राखी व मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ रही। बाजारों में राखियों की दुकानें पूरी तरह से सजाई गई है। डिजिटल राखी, पत्थर राखड़ी सहित कई डिजाइनों की राखियां दुकानों पर बिक्री के लिए आई है।

बच्चे मोटू पतलू, शिवा, टॉम एंड जैरी जैसी कार्टून वाली राखी खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे है। सुबह से ही सरदारपुरा बी व सी रोड, भीतरी शहर के घंटाघर, त्रिपोलिया बाजार, आडा बाजार, सर्राफा बाजार, पावटा तो वहीं बाहरी क्षेत्र में शास्त्रीनगर, रातानाडा, बीजेएस कुड़ी, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के अलग-अलग सेक्टरों में स्थित बाजारों में रौनक नजर आई। सडक किनारे टेबल लगा कर भी राखी बेची जा रही हैं।

राखी खरीदने के साथ ही जहां बहनें कपड़े खरीदने में जुटी हैं, वहीं भाई भी बहनों को उपहार देने के लिए उपहारों की खरीद करने में लगे है। कपड़ों की दुकानों पर भी भीड़ पड़ रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश