सीकर में जमीन बचाने के लिए किसानों का महापड़ाव, एयरपोर्ट और भूमि अधिग्रहण के विरोध में कलेक्ट्रेट घेरा

 


सीकर, 18 मई (हि.स.)। जिले के तारपुरा और दादिया क्षेत्र के किसानों ने प्रस्तावित एयरपोर्ट, रेलवे लाइन, सीमेंट प्लांट और अंडरपास परियोजनाओं के विरोध में सोमवार को कलेक्ट्रेट पर महापड़ाव शुरू कर दिया। अपनी कृषि भूमि बचाने के लिए हजारों किसान ट्रैक्टरों, बसों और अन्य वाहनों के काफिले के साथ सीकर पहुंचे और कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने करीब आधे घंटे तक सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा बाद में एडीएम डॉ. रतन कुमार स्वामी को ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि प्रशासन तारपुरा एयरपोर्ट परियोजना के नाम पर लगभग 4,000 बीघा उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहित करने की तैयारी कर रहा है, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।

किसानों ने कहा कि पहले रेलवे लाइन और अब एयरपोर्ट तथा सीमेंट प्लांट जैसी परियोजनाओं के नाम पर उनकी जमीनें छीनी जा रही हैं। यदि यह अधिग्रहण हुआ तो उनके पास खेती के लिए जमीन नहीं बचेगी और उन्हें पलायन करना पड़ेगा।

सुबह विभिन्न गांवों से निकले किसान काफिले में 34 बसें, 80 ट्रैक्टर, 100 से अधिक गाड़ियां और करीब 100 बाइकें शामिल रहीं। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी आंदोलन में भाग लिया।

किसानों ने अपनी चार प्रमुख मांगों में ग्राम सभा और किसानों की लिखित सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण पर रोक, परियोजनाओं को लेकर सीधा संवाद, अंडरपास डिजाइन पर पुनर्विचार और खेतों के बजाय वैकल्पिक बंजर भूमि का सर्वे शामिल किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि एयरपोर्ट परियोजना से गोचर भूमि, गौशाला, मंदिर, सार्वजनिक सुविधाएं और सामाजिक ढांचा बुरी तरह प्रभावित होगा।

किसानों के अनुसार यह केवल जमीन का मुद्दा नहीं, बल्कि उनकी संस्कृति, आजीविका और भविष्य से जुड़ा प्रश्न है।

महापंचायत और महापड़ाव के जरिए किसानों ने सरकार से प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण योजना को पूरी तरह वापस लेने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित