नमक के अपशिष्ट से बन रहा था पोटाश: कृषि मंत्री ने वीकेआई में पकड़ी नकली पोटाश फैक्ट्री

 




जयपुर, 20 जून (हि.स.)। राज्य सरकार किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के मूड में है। इसी कड़ी में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने शनिवार को जयपुर के विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (वीकेआई) में संचालित फर्टिलाइजर एवं कृषि उत्पाद इकाइयों पर औचक निरीक्षण कर नकली और अवैध कृषि उत्पादों के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया। जांच के दौरान तीन स्थानों पर बिना अनुमति बायो स्टिमुलेंट, बायो फर्टिलाइजर तथा नकली पोटाश के निर्माण और भंडारण के मामले सामने आए।

निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला मामला नंदी फर्टिलाइजर्स की इकाई में सामने आया, जहां नमक के अपशिष्ट से म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) तैयार किए जाने का खुलासा हुआ। कृषि मंत्री ने इसे किसानों के साथ बड़ा धोखा बताते हुए कहा कि किसानों से छल-कपट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कृषि विभाग की टीम ने मालिक की अनुपस्थिति में नंदी फर्टिलाइजर्स की इकाई को सील कर दिया था। कृषि मंत्री ने मौके पर पहुंचकर इकाई को खुलवाया और निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि वहां नमक के अपशिष्ट से म्यूरेट ऑफ पोटाश तैयार किया जा रहा था, जिसे किसानों को बेचने की तैयारी थी। मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि रोड नंबर-7 स्थित समृद्धि सर्विसेज नामक सी एंड एफ गोदाम पर छापेमारी के दौरान बिना अनुमति बायो स्टिमुलेंट की सप्लाई किए जाने का मामला सामने आया। जबकि राजस्थान में बायो स्टिमुलेंट की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। इसके अलावा चित्तारी एग्री केयर नामक कंपनी में भी बिना अनुमति बायो स्टिमुलेंट और अन्य कृषि उत्पाद पाए गए।

जहां निरीक्षण के दौरान एक सी एंड एफ फर्टिलाइजर गोदाम में तरल एवं किण्वित ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर भी मिला, जो संबंधित लाइसेंस में शामिल नहीं था। अधिकारियों के अनुसार इस उत्पाद पर भारत सरकार की ओर से प्रति टन 1500 रुपए की सब्सिडी मिलती है। ऐसे में अनधिकृत रूप से सब्सिडी प्राप्त किए जाने की आशंका को लेकर जांच शुरू कर दी गई है।

जांच में कई उत्पादों पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि तथा अन्य अनिवार्य जानकारियां फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर (एफसीओ)-1985 के मानकों के अनुरूप अंकित नहीं मिलीं। इसके बावजूद इन उत्पादों को ऊंचे दामों पर किसानों को बेचे जाने की जानकारी सामने आई है।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अधिकारियों को संदिग्ध इकाइयों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने, उत्पादों के नमूने लेकर जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रदेशभर में संचालित ऐसे गोदामों और इकाइयों की व्यापक जांच के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा है।

डॉ. मीणा ने कहा कि नकली और घटिया कृषि उत्पाद किसानों की मेहनत, आय और भूमि की उर्वरता को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे खाद्यान्न की गुणवत्ता प्रभावित होती है और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की जमीन, फसल और भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। किसानों के अधिकारों और हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश