कुवैत से उदयपुर सीधी उड़ान और बीमा योजना में बदलाव की मांग
कुवैत सिटी/डूंगरपुर, 09 जुलाई (हि.स.)। खाड़ी देशों में रह रहे वागड़ और दक्षिण राजस्थान के प्रवासी भारतीयों की हवाई संपर्क सुविधा तथा सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के कुवैत प्रवास के दौरान भारतीय दूतावास (इंडिया हाउस) में प्रवासी भारतीयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रवासी समुदाय ने विभिन्न मांगों और सुझावों से संबंधित ज्ञापन सौंपा, जिस पर विदेश मंत्री ने सकारात्मक विचार का भरोसा दिलाया।
बैठक में भारतीय समुदाय की विभिन्न सामाजिक एवं प्रवासी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान विदेश मंत्री ने प्रवासी भारतीयों की समस्याओं, कल्याणकारी योजनाओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की तथा प्रतिनिधियों के सुझावों को गंभीरता से सुना। 'आरएएफ चैप्टर कुवैत' और 'आरडीए कुवैत' के अध्यक्ष डायालाल कुम्हार ने वागड़ क्षेत्र के विकास तथा प्रवासी भारतीयों के हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन विदेश मंत्री को सौंपा। ज्ञापन में प्रवासी भारतीय बीमा योजना में संशोधन कर इसका लाभ केवल घरेलू कामगारों तक सीमित न रखकर कमर्शियल वर्कर्स सहित खाड़ी देशों में कार्यरत सभी पात्र भारतीय श्रमिकों को उपलब्ध कराने की मांग की गई। उनका कहना था कि इससे लाखों प्रवासी भारतीयों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
प्रतिनिधिमंडल ने वागड़ और दक्षिण राजस्थान के हजारों प्रवासी परिवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुवैत सिटी से उदयपुर के बीच सीधी हवाई सेवा शुरू करने का भी आग्रह किया। उनका कहना था कि इससे प्रवासियों के समय और यात्रा व्यय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
ज्ञापन में भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत बांसवाड़ा के तलवाड़ा हवाई पट्टी से क्षेत्रीय हवाई सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया। प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि इन सेवाओं का संचालन एलायंस एयर के माध्यम से किया जाए, जिससे वागड़ और दक्षिण राजस्थान की हवाई संपर्क व्यवस्था मजबूत होने के साथ पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित हवाई मार्गों में अहमदाबाद–बांसवाड़ा (तलवाड़ा), बांसवाड़ा–उदयपुर–दिल्ली, दिल्ली–उदयपुर–बांसवाड़ा (वापसी) तथा बांसवाड़ा–अहमदाबाद मार्ग शामिल हैं।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों और सुझावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि केंद्र सरकार इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने प्रवासी भारतीयों की समस्याओं के समाधान और उनके हितों के संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष