रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन पर रोक को लेकर मंत्रियों पर बरसे गहलोत

 


जोधपुर, 13 जून (हि.स.)। जोधपुर कमिश्नरेट में कानून व्यवस्था और जन सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्तालय ने बिना अनुमति रैली, जुलूस, धरना प्रदर्शन और सार्वजनिक सभाओं के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विरोध जताया है। गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा कि जोधपुर में सांसद के केंद्रीय मंत्री होने तथा जिले से ही राज्य के कानून मंत्री होने के बावजूद भाजपा सरकार जनता के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। चरमराई बिजली-पानी व्यवस्था से आमजन त्रस्त और विकट विपदा में है, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने के लिए शहर में धारा 163 (पुरानी 144) लगाकर अभिव्यक्ति की आजादी छीन रही है।

राजस्थान के वर्तमान कानून मंत्री जोगाराम पटेल हैं। वे राज्य सरकार में संसदीय कार्य और न्याय विभाग की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर आगे लिखा कि अखबारों में सुचारू पेयजल के झूठे दावे हो रहे हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। इस आक्रोश को दबाने के लिए अंदरखाने पुलिस का पहरा लगाया जा रहा है। राजीव गांधी लिफ्ट परियोजना फेज-3 में 1400 करोड़ में से 1200 करोड़ के भुगतान के बाद भी काम ठप पड़ा है। मार्च 2025 में पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार, रूट बदलने और फॉरेस्ट क्लीयरेंस के नाम पर उलझाकर मार्च 2027 तक के लिए संशय में डाल दिया गया है।

अशोक गहलोत ने लिखा कि सरकार बिजली और पानी तक नहीं दे पा रही है- जनता पूछ रही है कि सरकारी खजाना खाली है या भ्रष्टाचार में लिप्त भाजपा के लोग अपने घर भरने में व्यस्त हैं? भाजपा सरकार यह दमनकारी नीतियां तुरंत बंद करे और जनता को राहत दे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश