हाईकोर्ट के निर्देश पर 300 बीघा चरागाह भूमि से हटाया अतिक्रमण

 


चित्तौड़गढ़, 22 अप्रैल (हि.स.)। जिले के बेगूं उपखंड क्षेत्र में प्रशासन ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 300 बीघा चरागाह भूमि को कब्जामुक्त कराया। लंबे समय से विवादित इस भूमि पर कब्जेधारियों द्वारा तारबंदी, चारदीवारी और अन्य अस्थायी निर्माण कर अवैध कब्जा कर लिया गया था, जिसे प्रशासन ने सुनियोजित अभियान चलाकर हटाया।

गोपालपुरा ग्राम पंचायत के जोधपुरिया गांव स्थित चरागाह भूमि पर कई लोगों ने वर्षों से अतिक्रमण कर रखा था। ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से मामला न्यायालय तक पहुंचा। ग्रामीण गजेन्द्र सिंह सहित अन्य लोगों ने इस संबंध में उच्च न्यायालय में रीट याचिका दायर की थी। न्यायालय द्वारा मामले की सुनवाई के बाद अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और कार्रवाई शुरू की गई।

प्रशासन ने पूर्व योजना के तहत भारी मशीनरी और पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चलाया। मौके पर 8 जेसीबी मशीनें और ट्रैक्टर लगाए गए, जिनकी सहायता से अतिक्रमणकारियों द्वारा खड़ी की गई तार की बाड़, चारदीवारी और अन्य अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति उत्पन्न न हो।

इस दौरान बेगूं उपखंड अधिकारी अंकित सामरिया, तहसीलदार गोपाल जीनगर, पुलिस उपाधीक्षक अंजली सिंह, थानाधिकारी घेवरचंद सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई का नेतृत्व किया। अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान चलाया गया है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।

बेगूं तहसीलदार गोपाल जीनगर ने बताया कि गोपालपुरा ग्राम पंचायत के जोधपुरिया गांव में अवैध अतिक्रमण कर रखे गए थे, जिन्हें हटाया गया है। जानकारी के अनुसार, ग्रामीण गजेन्द्र सिंह सहित अन्य लोगों ने इस संबंध में उच्च न्यायालय में रीट याचिका दायर की थी। न्यायालय के निर्देशों के बाद ही यह कार्रवाई की गई।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। पारसोली, बेगूं और बस्सी थाना क्षेत्रों के अलावा पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाप्ता बुलाया गया। मौके पर 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार के विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटा जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल