पुरातत्व विभाग की बैठक में रहा धरोहर संरक्षण व पर्यटक सुविधाओं पर जोर

 


जयपुर, 28 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी स्थित पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय में मंगलवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेशभर के स्मारकों के संरक्षण और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक में विभिन्न स्मारकों एवं संग्रहालयों के अधीक्षक, क्यूरेटर और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक की अध्यक्षता निदेशक डॉ. पंकज धरेंद्र ने की। इस दौरान आमेर महल के अधीक्षक डॉ. राकेश छोलक, हवामहल की अधीक्षक सरोजनी चंचलानी और जंतर-मंतर की अधीक्षक प्रतिभा यादव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र के स्मारकों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए आगामी कार्ययोजनाओं पर सुझाव दिए।

बैठक में ऐतिहासिक धरोहरों के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उनके संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही पर्यटन स्थलों पर देशी-विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और सुविधाओं के विस्तार के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा हुई।

पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए टिकट व्यवस्था को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने, ऑनलाइन फीडबैक सिस्टम को सुदृढ़ करने तथा स्मारकों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

निदेशालय निदेशक डॉ. पंकज धरेंद्र ने कहा कि प्रदेश की अनमोल धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश