करंट से ठेका कर्मचारी की मौत के बाद हंगामा
उदयपुर, 15 मई (हि.स.)।
उदयपुर जिले के मावली क्षेत्र स्थित गोवर्धनपुरा जीएसएस पर बिजली विभाग के ठेका कर्मचारी की करंट लगने से मौत के बाद शुक्रवार को ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी, 50 लाख रुपये मुआवजा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीण सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक मावली अस्पताल के बाहर डटे रहे। लंबे समय तक चली समझाइश के बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम हो सका।
जानकारी के अनुसार गोवर्धनपुरा निवासी बंशीलाल जाट (45) पिछले दो वर्षों से गोवर्धनपुरा जीएसएस पर ठेका कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे काम के दौरान उसे तेज करंट लग गया। हादसे में उसके दोनों हाथ झुलस गए और वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा। काफी देर तक फोन नहीं उठाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वह बेसुध अवस्था में पड़ा मिला। ग्रामीण तत्काल उसे मावली अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही को हादसे का कारण बताते हुए मावली के एईएन हरिशंकर मीणा को हटाने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप था कि एईएन ग्रामीणों के फोन नहीं उठाते, रिश्वत मांगते हैं और कर्मचारियों पर घूस लाने का दबाव बनाते हैं। वहीं, अस्पताल प्रशासन पर भी समय पर समुचित उपचार नहीं देने और रेफर करने में टालमटोल का आरोप लगाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपखंड अधिकारी रमेश सीरवी और फतहनगर थानाधिकारी चंद्रशेखर किलानियां मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से लगातार समझाइश की। प्रशासन की ओर से मृतक के परिवार को कुल 12 लाख रुपये मुआवजा दिलाने और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
सूचना मिलने पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष रोशनलाल सुथार, मंडल अध्यक्ष कैलाश गाडरी और कुलदीप सिंह चुंडावत भी मौके पर पहुंचे तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता