जयपुर में एक अगस्त से लागू होगा ई-रिक्शा डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम

 


जयपुर, 29 जुलाई (हि.स.)। राजधानी में ई-रिक्शा संचालन को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट एक अगस्त से 'ई-रिक्शा क्यूआर कोड डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम' लागू करने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत शहर को सात जोन में विभाजित कर प्रत्येक ई-रिक्शा का जोनवार पंजीकरण किया जाएगा। हर वाहन को संबंधित जोन के अनुसार क्यूआर कोड और कलर कोड जारी किया जाएगा, जबकि 15 सितंबर से बिना पंजीकरण अथवा निर्धारित जोन के बाहर संचालन करने वाले ई-रिक्शों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।

पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देश पर लागू की जा रही इस व्यवस्था की निगरानी अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (यातायात एवं प्रशासन) प्रदीप मोहन शर्मा के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपायुक्त (यातायात) योगेश गोयल के निर्देशन में की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य आमजन और पर्यटकों को सुगम यातायात उपलब्ध कराने के साथ-साथ ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करना है।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) रानू शर्मा ने बताया कि शहर में संचालित करीब 40 हजार ई-रिक्शों का डिजिटल पंजीकरण किया जाएगा। प्रत्येक ई-रिक्शा को उसके जोन के अनुसार अलग-अलग रंग की पट्टी और क्यूआर कोड दिया जाएगा। क्यूआर कोड स्कैन करते ही चालक और वाहन का पूरा विवरण सामने आ जाएगा। इसमें एसओएस सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिसके माध्यम से आपात स्थिति में सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क किया जा सकेगा।

ई-रिक्शा मालिक और चालक एक अगस्त से 31 अगस्त तक ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। आवेदन https://erickshaw-jaipurpolice.rajasthan.gov.in पोर्टल, 'erickshawjaipur' एंड्रॉयड ऐप, नजदीकी ई-मित्र केंद्र अथवा अजमेरी गेट स्थित यातायात पुलिस नियंत्रण कक्ष के सुविधा केंद्र पर किया जा सकेगा। आवेदन के दौरान चालक प्राथमिकता के आधार पर जोन का चयन कर सकेंगे। किसी जोन की निर्धारित क्षमता पूरी होने पर दूसरी प्राथमिकता के अनुसार जोन आवंटित किया जाएगा।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) ने बताया कि पंजीकरण के लिए वाहन की आरसी, वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र, बीमा, चालक का ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट आकार का फोटो अनिवार्य होगा। सभी दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा। सफल सत्यापन के बाद मोबाइल पर संदेश भेजा जाएगा। इसके बाद चालक को 15 दिनों के भीतर अजमेरी गेट स्थित 'यादगार' यातायात नियंत्रण कक्ष से क्यूआर कोड स्टिकर प्राप्त करना होगा। निर्धारित अवधि में स्टिकर नहीं लेने पर जोन आवंटन स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत शहर को सात जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में निर्धारित संख्या में ही ई-रिक्शा संचालित होंगे। पूर्व जोन में 5 हजार (लाल), पश्चिम में 9 हजार (हरा), उत्तर में 6 हजार (नीला), दक्षिण में 7,500 (पीला), सेंट्रल में 2 हजार (नारंगी) तथा परकोटा जोन में 500 ई-रिक्शा (गुलाबी) पंजीकृत किए जाएंगे। परकोटा क्षेत्र को उप-जोन में विभाजित किया गया है, लेकिन सभी ई-रिक्शों का रंग गुलाबी रहेगा।

यातायात पुलिस ने नियमों की निगरानी के लिए विशेष मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है। डीसीपी ट्रैफिक कार्यालय स्थित मॉनिटरिंग सेंटर से ई-रिक्शों की गतिविधियों पर तकनीकी निगरानी रखी जाएगी। बिना पंजीकरण अथवा निर्धारित जोन से बाहर संचालित होने वाले ई-रिक्शों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश