फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना सुनिश्चित करें : बैरवा

 




राजसमंद, 14 अगस्त (हि.स.)। उप मुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने शुक्रवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिले में संचालित फ्लैगशिप योजनाओं और बजट घोषणाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर पर बैठे पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचाना सुनिश्चित करें तथा लंबित बजट घोषणाओं के कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए।

बैठक में कुंभलगढ़ विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़, भीम विधायक हरिसिंह रावत, राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी, जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल, एसपी हेमंत कलाल, जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

उप मुख्यमंत्री ने विभागवार योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों, लाभार्थियों की स्थिति और लंबित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि फ्लैगशिप योजनाएं राज्य सरकार की प्राथमिकताओं से जुड़ी हैं। इनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए। पात्रता निर्धारण, लाभार्थी चयन, स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी एवं त्वरित रखी जाए। लक्ष्य प्राप्ति में कमी वाले क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर प्रगति में सुधार किया जाए।

बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान, संशोधित वितरण क्षेत्र योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन, कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, स्वामित्व योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0, अटल ज्ञान केन्द्र, मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, अटल प्रगति पथ, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वनिधि योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, मिशन हरियाळो राजस्थान, जल जीवन मिशन, अमृत योजना और पंचगौरव योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैरवा ने वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 की बजट घोषणाओं की भी विभागवार समीक्षा की। उन्होंने चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, विद्युत, सिंचाई, कृषि, पर्यटन, नगरीय एवं ग्रामीण विकास, वन, खेल और पुलिस विभाग से संबंधित घोषणाओं की प्रगति की जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि बजट घोषणाओं को केवल स्वीकृति तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उनका धरातलीय क्रियान्वयन प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, सड़क एवं पेयजल परियोजनाओं, विद्युत तंत्र के सुदृढ़ीकरण, सिंचाई एवं जल संरक्षण, शिक्षा संस्थानों के उन्नयन, खेल सुविधाओं और पर्यटन परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए। अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए लंबित कार्यों में आ रही बाधाओं का तत्काल समाधान करने को कहा।

हिन्दुस्थान समाचार / Giriraj Soni