डूंगरपुर में एनीकट में डूबने से चार बच्चों की मौत, तीन सगे भाई-बहनों सहित फुफेरी बहन भी हादसे का शिकार

 




डूंगरपुर, 12 जुलाई (हि.स.)। जिले के धम्बोला थाना क्षेत्र के बड़ी गांव स्थित वात्रक एनीकट (तालाब) में रविवार सुबह नहाने गए छह बच्चों में से चार की डूबने से मौत हो गई, जबकि दो बच्चों को समय रहते ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मृतकों में एक ही परिवार के तीन सगे भाई-बहन और उनकी फुफेरी बहन शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

पुलिस के अनुसार रविवार सुबह करीब 10 बजे बड़ी गांव निवासी किसान बाबूसिंह डामोर के तीनों बच्चे हिना (24), प्रतीक (20) और इशिता (15) अपनी फुफेरी बहन रौनक (20) पुत्री गौतम भाई परमार निवासी पालनपुर (गुजरात) तथा दो अन्य बच्चों राजवीर और जयसिंह के साथ वात्रक एनीकट में नहाने गए थे। नहाते समय पानी की गहराई का अनुमान नहीं लगने से सभी बच्चे डूबने लगे। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। जयसिंह के पिता सुरेश सिंह ने तत्काल पानी में उतरकर जयसिंह और राजवीर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन अन्य चार बच्चों को नहीं बचाया जा सका। सूचना मिलने पर धम्बोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाकर चारों शव बाहर निकाले गए।

हादसे में बाबूसिंह डामोर के तीनों बच्चों की मौत हो गई। बड़ी बेटी हिना गांव के एक निजी विद्यालय में शिक्षिका थी। प्रतीक ने हाल ही में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर कॉलेज में प्रवेश के लिए आवेदन किया था, जबकि सबसे छोटी बेटी इशिता 11वीं कक्षा की छात्रा थी। रौनक चार दिन पहले ही पालनपुर से अपने मामा के घर छुट्टियां बिताने आई थी। घटना में घायल राजवीर और जयसिंह को सीमलवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सीमलवाड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।

धम्बोला थाना के एसआई अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। रौनक के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है। ग्रामीणों ने बताया कि वात्रक एनीकट के पास मंदिर होने के कारण बारिश के मौसम में यहां बड़ी संख्या में लोग नहाने आते हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष