डूंगरपुर सभापति पद के लिए भाजपा ने सुशीला गुप्ता को बनाया प्रत्याशी
डूंगरपुर, 17 सितंबर (हि.स.)। डूंगरपुर नगर परिषद सभापति पद के लिए भाजपा ने पूर्व सभापति एवं स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर केके गुप्ता की पत्नी तथा वार्ड 29 से पार्षद सुशीला गुप्ता को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं पार्टी का अधिकृत सिंबल नहीं मिलने के बाद वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं। सभापति पद के लिए कांग्रेस ने वार्ड 26 के पार्षद भरत नागदा को प्रत्याशी बनाया है।
बुधवार को नामांकन के दौरान भाजपा के दोनों दावेदारों प्रभु पंड्या और सुशीला गुप्ता ने अपने-अपने नामांकन दाखिल किए थे। भाजपा की ओर से बुधवार दोपहर निर्वाचन अधिकारी को पार्टी का सिंबल बंद लिफाफे में सौंपा गया था। गुरुवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान लिफाफा खोले जाने पर सुशीला गुप्ता को भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया। इसके साथ ही प्रभु पंड्या का नामांकन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दर्ज हो गया।
सुशीला गुप्ता के नाम के पीछे उनके पति केके गुप्ता के नगर परिषद के पूर्व सभापति के रूप में अनुभव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं प्रभु पंड्या करीब चार दशक से भाजपा और आरएसएस से जुड़े रहे हैं। वह भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष, भाजपा जिला महामंत्री एवं जिलाध्यक्ष सहित विभिन्न संगठनात्मक पदों पर रह चुके हैं।
डूंगरपुर नगर परिषद के 40 वार्डों में सभापति चुनाव के लिए बहुमत का आंकड़ा 21 है। भाजपा के 24 पार्षद और एक सहयोगी निर्दलीय पार्षद हैं। कांग्रेस के 12 और बीएपी के तीन पार्षद हैं। ऐसे में भाजपा संख्याबल के लिहाज से बहुमत में है।
प्रभु पंड्या के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में बने रहने की स्थिति में सभापति चुनाव में मुकाबला भाजपा के भीतर भी दिखाई देगा। नाम वापसी के बाद चुनाव की स्थिति और स्पष्ट होगी। सभापति पद के लिए मतदान 21 सितंबर को होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष