नशा विवेक से अविवेक की ओर ले जाता है, जीवन का नाश करता है: राज्यपाल
जयपुर, 17 सितंबर (हि.स.)। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि नशा विवेक से अविवेक की ओर ले जाता है। यह व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता बल्कि जीवन को नाश की ओर ले जाता है, इसलिए इससे बचने और सभी को बचाने का हम सभी मिलकर प्रयास करें। उन्होंने विश्वविद्यालय स्थापना दिवस को युवा शक्ति के विकास केंद्रित करते हुए कृषि क्षेत्र में विश्वविद्यालय को अग्रणी बनाने का आह्वान किया है।
राज्यपाल गुरुवार को जोबनेर स्थित श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस और नशामुक्त भारत अभियान में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिन की बधाई देते हुए नशामुक्त समाज के लिए सभी को मिलकर कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने पानी की बचत के लिए उसे सहेजने पर भी जोर दिया। उन्होंने लॉर्ड मैकाले द्वारा गुलामी से जुड़ी शिक्षा के प्रसार और और तत्कालीन विषम परिस्थितियों की भी चर्चा की।
बागडे ने कहा कि उन्होंने लोकभवन में नशामुक्त भारत की विशेष रूप से बैठक ली थी। इसमें यह तय किया गया कि नशामुक्त अभियान सरकारी नहीं, समाज का अपना सामूहिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में जाना हुआ है। उद्देश्य यह है कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की समीक्षा के साथ प्राथमिक से उच्च शिक्षा से जुड़ी वास्तविक स्थिति को जान समझ कर प्रदेश को इसमें अग्रणी किया जाए। राज्यपाल ने कहा कि सभी मिलकर प्रयास करें कि प्राथमिक शिक्षा के आधार को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि एक बड़ा लक्ष्य हम सभी का यह होना चाहिए कि नशामुक्ति और टीबी मुक्त कार्यक्रम में जन जन की भागीदारी तय करना है।
राज्यपाल ने कहा कि देश में सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी को विश्व के 37 देशों ने राष्ट्र का सर्वोत्तम पुरस्कार प्रदान किया है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने सभी लोगों को देश के बारे में, समाज के बारे में विचार करते हुए राष्ट्र का माहौल अच्छा रखने पर जोर दिया। उन्होंने भारत की प्राच्य विधा की चर्चा करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति में हमारे प्राचीन गौरव से जुड़ी शिक्षा से नई पीढ़ी को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
राज्यपाल ने इससे पहले विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित कृषि मौसम पोर्टल का शुभारम्भ किया। उन्होंने वहां नवनिर्मित विश्वविद्यालय सभागार का भी लोकार्पण किया और कृषि से सम्बद्ध पुस्तकों, स्मारिका का भी विमोचन किया। राज्यपाल ने इस दौरान विश्वविद्यालय में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के आलोक में प्रदर्शित उत्पादों का भी अवलोकन किया और विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पी. एस. चौहान, पूर्व न्यायाधीश श्री करणी सिंह राठौड़ और डॉ. एन. के. गुप्ता ने भी विचार रखे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश