विश्वेंद्र सिंह के आरोपों पर डोटासरा ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘हम सब एक’

 


जयपुर, 01 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान कांग्रेस में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह की ओर से प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर लगाए गए आरोपों के बाद पार्टी की अंदरूनी सियासत गरमा गई है। लगातार सामने आ रहे बयान और पलटवार के बीच गुरुवार को डोटासरा ने पहली बार इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी।

जन्मदिन के अवसर पर कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे डोटासरा ने कहा कि “आज इन सब बातों का वो समय नहीं है, हम सब एक हैं। हमारे में एकता है।” उन्होंने साथ ही कहा कि राजस्थान से भाजपा का सूपड़ा साफ होगा।

डोटासरा गुरुवार सुबह जयपुर से डेगाना के लिए रवाना होने से पहले कार्यकर्ताओं से मिले। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेता बाद में एक साथ डेगाना के लिए रवाना हुए।

कार्यकर्ताओं के बीच डोटासरा ने एकजुटता का संदेश देते हुए ‘हम सब एक हैं’ का नारा भी लगाया।

विश्वेंद्र सिंह की ओर से डोटासरा के नेतृत्व, निकाय चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन और अन्य मामलों को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद डोटासरा समर्थक कांग्रेस नेताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है। विश्वेंद्र सिंह ने हालिया निकाय चुनावों में भरतपुर-डीग क्षेत्र में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर संगठन और प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाए थे तथा डोटासरा के इस्तीफे की मांग तक की थी।

महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सारिका सिंह चौधरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर विश्वेंद्र सिंह पर पलटवार करते हुए उन्हें ‘भाजपा का स्लीपर सेल’ बताया। वहीं प्रदेश महासचिव देशराज मीणा ने भी विश्वेंद्र सिंह पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। प्रदेश महासचिव जसवंत गुर्जर ने विश्वेंद्र सिंह के सोशल मीडिया पर सामने आए बयानों को पार्टी परंपरा के अनुरूप नहीं बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी में अपनी बात रखने के लिए संगठनात्मक मंच मौजूद है।

युवा कांग्रेस के पूर्व सचिव सत्यवीर आलोरिया ने भी विश्वेंद्र सिंह पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर सवाल उठाए।

यह विवाद हाल ही में हुए शहरी निकाय चुनावों के बाद तेज हुआ। विश्वेंद्र सिंह ने भरतपुर और डीग में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर प्रदेश संगठन और स्थानीय नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने टिकट वितरण सहित कई मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी सार्वजनिक की। इसके बाद उनके बयानों ने कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर बहस को तेज कर दिया।

अब डोटासरा के ‘हम सब एक हैं’ वाले बयान और उनके समर्थक नेताओं के पलटवार के बाद कांग्रेस की अंदरूनी सियासत एक बार फिर चर्चा में है। खास बात यह है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब प्रदेश में पंचायतीराज चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित