चित्तौड़गढ़ क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव विवादों में, बिना सूचना के कराया चुनाव, गोकुल विश्रांति गृह पर मिला ताला
चित्तौड़गढ़, 19 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में हाईकोर्ट के आदेश के बाद चुनाव की कवायद शुरू हुई तो चित्तौड़गढ़ जिला संघ में भी प्रक्रिया शुरू की गई। लेकिन यहां का चुनाव पूरी तरह संदेह और सवालों में घिर गया है। चुनाव कार्यालय पर ताला लगा मिला। इसे लेकर जिला क्रिकेट संघ के सदस्य ने कड़ा विरोध जताया। बड़ी बात यह कि निर्वाचन अधिकारी ने फोन ही नहीं उठाए।
जिला क्रिकेट संघ के सदस्य जय प्रकाश दशोरा ने बताया कि तदर्थ समिति ने 19 जुलाई 2026 को सांवलियाजी के गौकुल विश्रांति गृह में चुनाव होना बताया था। लेकिन तय तारीख पर वहां न कोई चुनाव अधिकारी मिला, न कोई सदस्य और न ही कोई नोटिस। जिस कमरे को चुनाव कार्यालय कहा गया था उस पर ताला लटका मिला। इस चुनाव की सूचना न तो एसोसिएशन के सदस्यों को मिली, न स्पोर्ट्स काउंसिल को और न ही आरसीए को। चुनाव से 21 दिन पहले नोटिफिकेशन, अखबार में प्रकाशन और मतदाता सूची जारी करने का नियम भी नहीं माना गया।
दशोरा ने बताया कि चुनाव की असली कवायद मंगलवाड़ क्षेत्र के एक होटल के कमरे में हुई। वहां करीब आधा दर्जन लोग मौजूद थे। आरोप है कि इस दौरान सहकारिता मंत्री गौतम दक और विभाग के अधिकारी भी शामिल थे। लेकिन वहां न चुनाव अधिकारी था न एसोसिएशन का कोई सदस्य।
कुछ सदस्यों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने 3 महीने में चुनाव कराने को कहा था। नोटिफिकेशन नहीं होने पर अवमानना लगी तो 25 मई की पुरानी तारीख में गुपचुप नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। इसकी जानकारी हाईकोर्ट, जिला कलेक्टर और संघ के सदस्यों को भी नहीं दी गई।
चुनाव अधिकारी बनाए गए बाबूलाल सिलावट ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है, पूरा कार्यक्रम तदर्थ समिति अध्यक्ष श्याम सिंह देख रहे हैं। बाद में उन्होंने फोन भी उठाना बंद कर दिया। 2 साल से बनी तदर्थ समिति ने इस दौरान एक भी बैठक नहीं की। अब इस पूरे प्रकरण को लेकर खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि राजनीति के चक्कर में जिले में क्रिकेट की गतिविधियां ठप हो गई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल