जिला कलेक्टर ने पीएचईडी कार्यालय का किया औचक निरीक्षण

 


व्यवस्थाओं का लिया जायजा, कंट्रोल रूम से स्वयं नागरिकों से किया संवाद, जलापूर्ति का लिया फीडबैक

जोधपुर, 29 अप्रैल (हि.स.)। जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने बुधवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसई (सिटी) कार्यालय का औचक निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आमजन से जुड़ी पेयजल समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने कार्यालय के अटेंडेंस रजिस्टर, संपर्क पोर्टल से संबंधित कार्य, कंप्लेन रजिस्टर तथा कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों की जांच करते हुए वहां अपनाई जा रही प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

आलोक रंजन ने कंट्रोल रूम में स्वयं उपस्थित रहकर आमजन को कॉल कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जिला कलेक्टर ने कंट्रोल रूम में 24 घंटे पर्याप्त स्टाफ की ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी समय आने वाली शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेकर समाधान किया जा सके। उन्होंने अधीक्षण अभियंता सिटी राजेंद्र मेहता को कंट्रोल रूम में अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने पूर्व में दर्ज शिकायतों के परिवादियों से स्वयं दूरभाष पर संपर्क कर उनकी समस्याओं के समाधान की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने सभी शिकायतों की वर्तमान स्थिति का व्यक्तिगत रूप से फॉलोअप करने के निर्देश दिए, ताकि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण हो सके। रंजन ने कंप्लेन रजिस्टर में दर्ज सभी शिकायतों के डेटा को गूगल शीट पर संधारित करने के निर्देश दिए, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने सभी अतिरिक्त जिला कलक्टर, उपखण्ड अधिकारियों सहित समस्त प्रशासनिक अधिकारियों को प्रतिदिन फील्ड में जाकर पेयजल से संबंधित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने तथा दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि जहां गंदा पानी आ रहा है अथवा जहां जलापूर्ति पूर्णत: बाधित है, वहां प्राथमिकता से समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही रजिस्ट्रेशन शाखा सहित अन्य शाखाओं के कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने एसई (ग्रामीण) के कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया तथा वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत पर मौके पर कौन गया, किस अधिकारी/कर्मचारी ने प्रार्थी से संपर्क किया तथा शिकायत का समाधान किस प्रकार किया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी संधारित की जाए। रंजन ने शिकायतों के त्वरित पंजीकरण एवं समाधान के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप नंबर जारी करने तथा उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश