स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर शिक्षा मंत्री दिलावर की सफाई: बोले- कोई रोक नहीं, बच्चों की निजता और सुरक्षा सर्वोच्च
जयपुर, 17 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया के प्रवेश और बच्चों की फोटो-वीडियो बनाने को लेकर उठे विवाद के बीच शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकार का पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में मीडिया के प्रवेश पर किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाई गई है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों को गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थी नाबालिग होते हैं। ऐसे में उनकी फोटो, वीडियो या बयान लेने से पहले उनके अभिभावकों की अनुमति जरूरी है। यदि मौके पर अभिभावक मौजूद नहीं हैं तो स्कूल के शिक्षक से अनुमति ली जा सकती है, क्योंकि विद्यालय में शिक्षक बच्चों के अभिभावक की भूमिका निभाते हैं।
दिलावर ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को बिना किसी उद्देश्य के अचानक स्कूल परिसर में प्रवेश कर बच्चों से बातचीत या उनका साक्षात्कार करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इससे बच्चों की निजता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी मीडिया प्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति को किसी विशेष मामले में बच्चों से बातचीत अथवा रिकॉर्डिंग करनी है तो उसे पहले संस्था प्रधान से अनुमति लेनी होगी।
मीडिया की स्वतंत्रता पर रोक लगाने का उद्देश्य नहीं
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मीडिया की स्वतंत्रता पर रोक लगाना नहीं है। सरकार केवल यह सुनिश्चित करना चाहती है कि नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों से कोई समझौता न हो। बच्चों की फोटो, वीडियो अथवा बयान सार्वजनिक करने से पहले उनकी निजता और सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं को लेकर लगातार निगरानी की जाती है। अभिभावकों और शिक्षकों की नियमित बैठकें होती हैं, जिनमें विद्यालय की व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाती है। ऐसे में स्कूलों की व्यवस्थाएं और हालात किसी से छिपे नहीं हैं।
दिलावर ने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति का अपनी मर्जी से कभी भी स्कूल परिसर में पहुंचकर बच्चों से बातचीत करना या रिकॉर्डिंग करना उचित नहीं है। संस्था प्रधान को इस तरह के मामलों में आवश्यक अनुमति और व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
विपक्ष ने उठाए थे सवाल
दरअसल, सरकारी स्कूलों में मीडिया के प्रवेश और रिकॉर्डिंग को लेकर सामने आए निर्देशों के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था। विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने सरकार पर मीडिया की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का आरोप लगाया था। अब शिक्षा मंत्री की सफाई के बाद सरकार ने स्पष्ट किया है कि मीडिया पर प्रतिबंध नहीं है, लेकिन नाबालिग विद्यार्थियों की सुरक्षा और निजता के लिए अनुमति की व्यवस्था लागू रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित