विजयदशमी केवल संघ का पर्व नहीं, अपितु पूरे हिंदू समाज का पर्व

 


धौलपुर, 20 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ धौलपुर नगर का विजयदशमी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर शस्त्र पूजन कर पथ संचलन निकाला गया। समारोह का शुभारंभ योग व्यायाम के साथ हुआ जिसमें स्वयंसेवकों ने योग व्यायाम कला का प्रदर्शन किया।

इस मौके पर मुख्य अतिथि पूज्य पागल बाबा ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सनातन की रक्षा के लिए सर्वोत्तम संगठन है। संत हनुमान दास महाराज ने कहा कि संघ समाज के हर क्षेत्र को जोड़ने का कार्य निरंतर कर रहा है। कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे डॉ. राम अवतार ने कहा कि समाज बंधु या सोचें कि हम देश के लिए क्या अर्पण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विजयदशमी भौतिक रूप से केवल रावण का दहन करने का पर्व नहीं है, अपितु अंदर का जो रावण है, अर्थात अनेक बुराइयां है उसके शमन करने का पर्व है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सामाजिक सद्भाव कार्यक्रम दिनेश ने अपने उद्बोधन में कहा विजयदशमी का पर्व केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक का संघ का पर्व नहीं है, अपितु यह पूरे हिंदू समाज का पर्व है। जब-जब इस धरती पर अत्याचार बढ़ा तब तब ईश्वर ने अवतार लिया। हर युग में धर्म की स्थापना करने की रीति और नीति अलग-अलग होती है। हमारे शास्त्रों के अनुसार कलियुग में संघ अर्थात समूह बनाकर शक्ति प्राप्त करना आवश्यक है। विजयादशमी के अवसर पर शास्त्रों के पूजन का प्रावधान है। शस्त्रों से ही शास्त्रों की रक्षा हो सकती है। आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 100 वर्ष पूर्ण हो चुका है और आज संघ भारत के प्रत्येक गांव तक पहुंच चुका है। जीवन और जगत का कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां संघ की उपस्थिति ना हो संघ ने समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पांच संकल्प लेने का आह्वान किया है।

कार्यक्रम के बाद में नगर के विभिन्न मार्गो से होकर के हजारों संघ के गणवेश धारी स्वयंसेवकों ने कदम से कदम मिलाते हुए पथ संचलन निकाला। जिसमें जगह-जगह पर विभिन्न समाजों ने उन पर पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में जिला संघचालक राम अख्तियार एवं जिला प्रचारक रौनक सहित अन्य पदाधिकारी तथा स्वंयसेवक शामिल रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रदीप