रोगियों की सेवा एवं चिकित्सा मानवीय पुण्य कार्य : जैन

 


धौलपुर, 08 जुलाई (हि.स.)। सेठ बाबूलाल जैन स्मृति संस्थान के तत्वावधान में 31वां नि:शुल्क नेत्र ऑपेरशन एवं दंत चिकित्सा शिविर बुधवार को कुंद कुंद दिगंबर जैन विद्यालय में आयोजित किया गया। शिविर में भारी बारिश के बीच भी 275 से अधिक मरीज विशेषज्ञ चिकित्सकोें से इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से 24 को नेत्र ऑपेरशन के लिए चयनित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में महिलाएं भी प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा लाभान्वित की गई। अपने उदबोधन में संस्थान के ट्रस्टी एवं मध्यप्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक पवन जैन ने कहा कि राजाखेडा उनकी जन्मभूमि है। रोगियों की सेवा एवं चिकित्सा को पुण्य कार्य मानते हुए ट्रस्ट पिछले 26 वर्ष से निरंतर पीड़ित मानवता की सेवा में विभिन्न प्रकार के शिविर आयोजित कर रहा है। जिनमें नेत्र चिकित्सा शिविर के साथ पोलियो करेक्शन शिविर एवं विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर भी शामिल हैं। अब इन सेवाओं को मातृभूमि में नियमित साप्ताहिक स्तर पर भी आरम्भ किया जा रहा है। जहां ग्वालियर, भोपाल, जयपुर और आगरा के प्रख्यात विशेषज्ञ हर सप्ताह राजाखेड़ा आकर लोगों का निशुल्क इलाज करेंगे। यह ग्रामीण क्षेत्र के उन लोगों के लिए बड़ी राहत होगी, जो गंभीर मरीजों को महंगे चिकित्सा परामर्श शुल्क के कारण गुणवत्तापूर्ण विशेषज्ञ चिकित्सकों का लाभ नही ले पाते। ट्रस्टी एवं राजस्थान के उप महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक देवेंद्र जैन ने ट्रस्ट द्वारा मानवता की सेवा में किये गए कार्यो की विस्तार से जानकारी दी तथा लोगों को चिकित्सा सेवा का लाभ उठाने का आग्रह किया। शिविर में मुरैना के वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. संजय शर्मा, धोलपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीडी जिंदल,आगरा के डॉ. प्रांजल गुप्ता तथा स्त्री एवं महिला रोग चिकित्सक डॉ. निकिता गुप्ता ने रोगियों की जांच कर उपचार एवं परामर्श प्रदान किया। शिविर के साथ ही विद्यालय परिसर में ही ट्रस्ट के साप्ताहिक विशेषज्ञ चिकित्सालय का भी उद्घाटन किया गया। संस्थान के ट्रस्टी एवं मध्यप्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक पवन जैन ने बताया कि इस चिकित्सालय में प्रति सप्ताह दो प्रख्यात विशेषज्ञ चिकिसक पहुंचकर अपनी नि:शुल्क सेवा प्रदान किया करेंगे। महीने में चार दिवस ये सेवाएं ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। जैन ने बताया कि नेत्र रोगियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए अब माह में दो बार नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन लगातार किया जाएगा। मरीजों की संख्या अधिक होने पर शिविर की संख्या भी बढाई जायेगी। जिससे कोई भी चिकित्सा सुविधा से वंचित न रह सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रदीप