आस्था : ठाकुर जी ने मचकुंड सरोवर में किया जल विहार
धौलपुर, 22 सितंबर (हि.स.)। सृष्टि के पालक भगवान श्रीकृष्ण बृह्म सत्ता के संचालन को छोड कर कुछ समय के लिए जल विहार के लिए निकले। मंगलवार शाम को ठाकुर जी ने राधा रानी के साथ में प्राचीन मचकुंड सरोवर के जल में विहार किया। बाद में ठाकुर जी अपने मंदिर में फिर से विराजमान हो गए। मौका था जल झूलनी एकादशी का।
इस मौके पर मचकुंड सरोवर स्थित लाडली जगमोहन मंदिर से भगवान श्रीकृष्ण तथा राधा रानी के विग्रहों को जल विहार के लिए लाया गया। इसके अलावा प्राचीन राधा बिहारी मंदिर,मदन मोहन मंदिर तथा प्राचीन जगन्नाथ मंदिर समेत अन्य मंदिरों से राधा रानी और ठाकुर जी के विग्रहों को एक सजी हुई नाव में बिठाया गया तथा मचकुंड सरोवर के सभी घाटों और मंदिरों की सैर कराई गई। सरोवर के शांत जल में ठाकुर जी का नौका विहार अनूठा रहा। तीर्थराज मचकुंड सरोवर स्थित प्राचीन लाडली जगमोहन मंदिर के महंत कृष्णदास महाराज ने बताया कि मचकुंड के पवित्र जल में जल झूलनी एकादशी के दिन ठाकुर जी के जल विहार की परम्परा काफी प्राचीन है। इसी क्रम में ठाकुर जी ने परम्परा के मुताबिक मचकुंड सरोवर के पवित्र जल में विहार किया। इससे पूर्व ठाकुर जी के विग्रहों की आरती उतारी गई तथा श्रद्वालुओं ने मनौतियां भी मांगी।
जल झूलनी एकादशी के मौके पर बडी संख्या में श्रद्वालु तीर्थराज मचकुंड सरोवर पंहुचे तथा ठाकुर जी के जल विहार का दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्वालुओं ने मचकुंड सरोवर की आरती भी उतारी तथा पूजन किया। इस मौके पर महाआरती तथा प्रसाद वितरण के कार्यक्रम भी संपन्न हुए।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रदीप