साइबर फ्राड से बचाव के लिए जागरुकता आवश्यक : मागो

 


धौलपुर, 07 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा सम्पूर्ण राजस्थान में स्कूली छात्रों के लिए ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूस्डे नामक एक विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोर छात्रों को उनके विधिक अधिकार, कर्तव्य और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक-विधिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाना है। इसी क्रम में जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो द्वारा महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बाड़ा हैदरशाह धौलपुर में आयोजित शिविर में विद्यार्थियों को विधिक जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि साइबर अपराध वे अपराध हैं जो इंटरनेट, मोबाइल फोन, कंप्यूटर अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए किए जाते हैं। साथ ही यह भी अवगत कराया कि आज के समय में ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फर्जी कॉल, लॉटरी स्कैम, साइबर बुलिंग एवं अश्लील सामग्री से संबंधित अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनसे बचाव के लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। जिसमें ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी स्थिति में बैंक खाता विवरण अथवा पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। अनजान कॉल, संदेश अथवा ईमेल के माध्यम से प्राप्त लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। साथ ही न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी निजी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर, पता, स्कूल का नाम आदि सार्वजनिक न करें तथा केवल परिचित व्यक्तियों से ही संपर्क रखें। साथ ही विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन गाली-गलौज, धमकी, ट्रोलिंग या उत्पीड़न एक दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में तुरंत अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को सूचित करना चाहिए।

शिविर के दौरान विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने का अवसर दिया गया तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। साथ ही विद्यालय में कोर्ट वाली दीदी सुझाव पेटिका भी लगवाई गई। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेश जैन सहित अन्य मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रदीप