सत्य एवं अहिंसा परमो धर्म जैन धर्म का मूल सिद्धान्त : वोहरा

 


धौलपुर, 17 जून (हि.स.)। श्रवण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर के तत्वावधान में श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर धौलपुर में आयोजित धार्मिक संस्कार शिविर का समापन हुआ। इस दस दिवसीय शिविर में जैन धर्म के सिद्धांतों, जीवन मूल्यों और संस्कारों को गहराई से आत्मसात करने का अवसर मिला। शिविर सांगानेर श्रवण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर से पधारे प्रख्यात विद्वान भैया प्रियांशु शास्त्री का मंगल सानिध्य रहा। स

मापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रमुख समाजसेवी शैलेन्द्र सिंह वोहरा ने कहा कि सत्य तथा अहिंसा परमो धर्म जैन धर्म के मूल सिद्धान्त हैं। शिविर के माध्यम से संभागियों को इन गुणों को आत्मसात करने का अवसर मिला है। वोहरा ने बताया कि शिविर के दौरान बच्चों और महिलाओं ने पूरी निष्ठा के साथ धार्मिक शिक्षा ग्रहण की। बच्चों को जहाँ धार्मिक क्रियाओं, भक्तामर स्तोत्र, और मौलिक जैन सिद्धांतों का पाठ पढ़ाया गया, वहीं महिलाओं ने भी धर्म-प्रभावना और संस्कारित जीवन जीने की कला सीखी है। समारोह में जैन समाज की ओर से विद्वान भैया प्रियांशु शास्त्री एवं नमित जैन का सम्मान किया गया। साथ ही शिविर में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले बच्चों तथा प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि और समाज के गणमान्य नागरिकों द्वारा पुरस्कृत भी किया गया। समारोह में जैन समाज के अध्यक्ष धनेश जैन,महामंत्री अमित जैन, दिनेश नागर , कृष्ण मोहन जैन,सुनील जैन स्टेशन मास्टर, कोषाध्यक्ष पवन जैन, डालचंद जैन, शांतनु जैन, धर्मेन्द्र कुमार जैन एवं सुनील चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। शिक्षाविद दिलीप जैन ने संचालन किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रदीप