ओबीसी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करें सरकार: शर्मा
जोधपुर, 14 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान सरकार द्वारा ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग की रिपोर्ट स्वीकार किए जाने के बाद रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग उठने लगी है। जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष नरेंद्र शर्मा ने सरकार से आयोग की पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक करने और आंकड़ों में अंतर का स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।
शर्मा ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, जबकि मीडिया में सामने आई जानकारी के अनुसार राजस्थान में ओबीसी आबादी करीब 43 प्रतिशत बताई जा रही है। वहीं वर्ष 2019 में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अनुमान में यह आंकड़ा लगभग 52 प्रतिशत था। उन्होंने सवाल उठाया कि छह-सात वर्षों में ओबीसी आबादी के आंकड़ों में करीब 9 प्रतिशत अंक की कमी किस वैज्ञानिक आधार पर हुई, इसका जवाब सरकार को जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोग ने 92 ओबीसी जातियों का अध्ययन किया है, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार इनमें केवल 11 जातियों को ही पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिला है। ऐसे में सरकार को जातिवार और जिलेवार आंकड़े सार्वजनिक करने चाहिए, जिससे स्पष्ट हो सके कि किस समाज को उसकी आबादी के अनुपात में कितना राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिला है। शर्मा ने बताया कि वर्ष 2017 में राजस्थान विधानसभा में ओबीसी आरक्षण को 21 प्रतिशत से बढ़ाकर 26 प्रतिशत करने का विधेयक पारित किया गया था। वर्तमान में ओबीसी समाज के आरक्षण और वास्तविक राजनीतिक प्रतिनिधित्व की स्थिति को लेकर सरकार को स्पष्ट तथ्य सामने रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोग की रिपोर्ट के आंकड़ों को लेकर जाट और गुर्जर सहित कई ओबीसी समाजों की ओर से आपत्तियां भी सामने आई हैं। इसलिए सरकार को रिपोर्ट सार्वजनिक कर सभी आपत्तियों का तथ्यात्मक समाधान करना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश