नागरिक वन की मांग को मिला समर्थन

 


जनप्रतिनिधियों को भेजा गया प्रस्ताव

जोधपुर, 03 जून (हि.स.)। मरुस्थलीय क्षेत्र के प्रमुख शहर जोधपुर में बढ़ते शहरीकरण, तापमान वृद्धि और हरित क्षेत्रों की कमी के बीच एक बड़े नागरिक वन (अर्बन फॉरेस्ट) की स्थापना की मांग ने जोर पकड़ लिया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, सांसद पीपी चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि राजेंद्र गहलोत, विधायक देवेंद्र जोशी तथा विधायक अतुल भंसाली को पत्र प्रेषित कर जोधपुर में नागरिक वन विकसित करने तथा व्यापक शहरी वानिकी नीति बनाने का सुझाव दिया है।

अपने पत्र में गोविंद माथुर ने कहा है कि जोधपुर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर होने के साथ-साथ कठोर जलवायु परिस्थितियों का भी सामना कर रहा है। हाल के वर्षों में जल उपलब्धता में सुधार होने के बावजूद शहर में पर्यावरणीय चुनौतियां बनी हुई हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि यद्यपि शहर में हरियाली बढ़ी है, फिर भी शहरी एवं सामाजिक वानिकी के लिए एक सुनियोजित और दीर्घकालिक नीति का अभाव है। पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में जोधपुर में सार्वजनिक उद्यानों की संख्या सीमित है। बढ़ती जनसंख्या और लगातार हो रहे शहरी विस्तार को देखते हुए उपलब्ध उद्यान नागरिकों की पर्यावरणीय, स्वास्थ्य एवं मनोरंजन संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

इसी संदर्भ में उन्होंने सर्किट हाउस रोड के निकट उम्मेद भवन पैलेस के ढलान क्षेत्र में स्थित आयकर विभाग की भूमि को नागरिक वन के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया है। पत्र के अनुसार इस भूमि पर पूर्व में टेक्सेशन विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव था, जो साकार नहीं हो सका। ऐसे में जनहित को दृष्टिगत रखते हुए इस भूमि का उपयोग हरित क्षेत्र के रूप में किया जाना अधिक उपयुक्त होगा। इस पहल का समर्थन करते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पार्षद गिरीश माथुर ने कहा कि जोधपुर में नागरिक वन का विकास एक दूरदर्शी, पर्यावरण हितैषी एवं जनकल्याणकारी प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि यह केवल हरित क्षेत्र विकसित करने का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश