राजस्थान के खेल जगत में ‘स्वर्ण युग’ की शुरुआत: युवा शक्ति को नई उड़ान दे रही सरकार

 


जयपुर, 01 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने प्रदेश में खेलों के विकास और युवा प्रतिभाओं को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए व्यापक रोडमैप तैयार किया है। वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और 2026-27 की महत्वाकांक्षी योजनाओं के साथ राज्य खेलों के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

बीते वित्तीय वर्ष 2025-26 में ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स’ के सफल आयोजन ने राज्य की प्रबंधन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। वहीं ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट्स’ नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से हर जिले में स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिला है।

इसके साथ ही ‘युवा नीति-2026’ और ‘फिट राजस्थान’ जैसे अभियानों ने युवाओं में खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई है। खिलाड़ियों के लिए बीमा योजना और आर्थिक सहायता जैसे कदमों ने उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है।

राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 271 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है, जो खेल अधोसंरचना को मजबूत करने में खर्च किया जाएगा। योजना के तहत 23 नए स्टेडियम बनाए जाएंगे और 15 स्टेडियमों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।

खेल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। साथ ही ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ और ‘फिजिकल रिहैब सेंटर’ विकसित किए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिल सके।

सरकार प्रदेश में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक और मल्टीपर्पज इनडोर हॉल्स की संख्या बढ़ा रही है, ताकि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इससे राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री का लक्ष्य केवल बुनियादी ढांचा तैयार करना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक दिलाना भी है। इसके लिए ‘खेलो राजस्थान यूथ गेम्स’, ‘टैलेंट हंट’ और ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना’ जैसी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।

इसके अलावा संभाग स्तर पर ‘युवा साथी केंद्रों’ का विस्तार किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी खेल सुविधाएं मिल सकें।

राज्य सरकार के इन समग्र प्रयासों से राजस्थान में खेल संस्कृति को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। आने वाले वर्षों में यह पहल न केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाएगी, बल्कि प्रदेश की युवा शक्ति को सकारात्मक और सशक्त दिशा भी देगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित