एमडीएसयू में डाटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी एवं एआई कोर्स होंगे शुरू— प्रो सुरेश अग्रवाल
अजमेर, 07 मई (हि.स.)। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने विश्वविद्यालय को आधुनिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। विश्वविद्यालय में एम.एससी. डाटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्किल कोर्स प्रारंभ करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल और रोजगारपरक प्रशिक्षण के लिए “फिनिशिंग स्कूल” स्थापित करने पर भी सहमति बनी है।
अजमेर स्थित विश्वविद्यालय के बृहस्पति भवन के अशोक कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कुलगुरु प्रो. अग्रवाल ने विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्षों, अधिष्ठाताओं और अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कंप्यूटर आधारित आधुनिक शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाएं शीघ्र लागू की जाएंगी तथा डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एलएमएस (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम) जल्द शुरू किया जाएगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र नियमित रखा जाएगा और सभी विभाग 30 जून तक पाठ्यक्रम पूर्ण करेंगे। परीक्षा शाखा को निर्देश दिए गए कि विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाओं के परिणाम 31 जुलाई तक हर स्थिति में घोषित किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कुलगुरु ने प्रवेश प्रक्रिया को मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि स्नातक, एमबीए और अन्य प्रमुख पाठ्यक्रमों के प्रवेश शीघ्र प्रारंभ किए जाएं। इसके लिए सभी विभागों को 10 मई तक हिंदी और अंग्रेजी में पोस्टर तथा डिजिटल प्रचार सामग्री तैयार कर विश्वविद्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यार्थियों के लिए छात्रावास सुविधाओं को बेहतर बनाने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। गार्गी एवं अपाला छात्रावास की जिम्मेदारी प्रो. ऋतु माथुर को सौंपी गई, जबकि नचिकेता छात्रावास का दायित्व डॉ. आशीष पारीक को दिया गया है। कुलगुरु ने निर्देश दिए कि 30 जून तक छात्रावासों में फर्नीचर, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल और विद्युत जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
बैठक में विश्वविद्यालय में अंग्रेजी और संस्कृत विषयों में नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी पर भी चर्चा हुई। शोध गतिविधियों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए आरएफआईडी आधारित प्रणाली लागू करने तथा बड़े शोध प्रोजेक्ट लाने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहन राशि देने की योजना पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित अनुसंधान और अंतरविषयी शोध को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
कुलगुरु प्रो. अग्रवाल ने “लर्न, अर्न एंड परफॉर्म” योजना को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कार्य के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी से छात्र हित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने का आह्वान किया।
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष