परंपरानुसार मनाया दशा माता का पर्व

 


जोधपुर, 13 मार्च (हि.स.)। प्रदेश की धार्मिक व सांस्कृतिक नगरी सूर्यनगरी में चैत्र माह के कृष्ण पक्ष दशमी के अवसर पर शुक्रवार को सुहागिन महिलाओं ने दशा माता का पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा दशा माता का सामूहिक पूजन करने के अलावा व्रत भी किया गया।

सुहागिन महिलाओं ने आज दशा माता का पर्व परंपरानुसार मनाया। उन्होंने पीपल वृक्ष की पूजा कर खुशहाली की कामना की। इस पर्व पर महिलाओं ने दशा माता व्रत की कहानी सुनकर जीवन में आस्था रखने की सीख ली। साथ ही पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाकर पति की दीर्घायु व परिवार की खुशहाली की कामना की। इस दौरान महिलाओं ने कच्चे सूत के धागे के दस गांठ लगाकर गले में पहनकर पौराणिक परंपराओं का निर्वहन किया। शहर के अनेक धार्मिक स्थलों में महिला श्रद्धालुओं की भीड़ रही।

मंदिरों में भी धार्मिक कार्यक्रमों की गूंज रही। बता दे कि चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की दशमी के दिन महिलाएं दशा माता से आपने परिवार की दिशा-दशा को सही रखने की कामना करते हुए दशा माता का व्रतकर पूजा अर्चना करती है। महिलाओं का कहना है कि व्रत करने से घर एवं परिवार से दुखों का साया एवं दरिद्रता दूर हो जाती है।

वहीं रातानाडा शिव रोड स्थित श्री सिद्ध नागेश्वर महादेव मंदिर में दशा माता व्रत पूजन मंदिर पुजारी ललिता जोशी के सान्निध्य में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। मंदिर व्यवस्थापक शिवानी जोशी व निकिता जोशी ने बताया कि दशा माता व्रत पूजन के दौरान सुहागिन महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि के लिए सुबह स्नान कर, हल्दी से रंगे कच्चे सूत (10 तार, 10 गांठ) के डोरे से पीपल के वृक्ष की पूजा करती हैं। पीपल पर 10 बार सूत लपेटकर परिक्रमा की जाती है, नल-दमयंती कथा सुनी जाती है और डोरा गले में पहना जाता है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश