डाभी अमावस्या पर मां सती मंदिर में दो दिवसीय धार्मिक आयोजन

 


बीकानेर, 11 सितंबर (हि.स.)। डाभी अमावस्या के अवसर पर श्री मां सती माता मंदिर में दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। पूर्व संध्या पर महाछप्पन भोग का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

मुख्य पर्व के दिन अग्रवाल (चौधरी) समाज के गर्ग गोत्र के श्रद्धालु अपने घरों से मालपुआ, लापसी, चावल, केसर, पेड़ा और विभिन्न प्रकार के फल सहित प्रसाद लेकर पैदल मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मां सती की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर मां सती के निज मंदिर का विशेष श्रृंगार किया गया। मां सती माता भक्त मंडल की ओर से वास्तविक नोटों से तैयार मालाओं से मंदिर को सजाया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। पूजा-अर्चना के बाद महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम के दौरान बाहर से आए कलाकारों ने विभिन्न धार्मिक झांकियां प्रस्तुत कीं। झांकियों के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया। इन्हें देखने के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। महिलाओं की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही और उन्होंने पूजा-अर्चना में भाग लिया। बीकानेर के अलावा बाहर से आए उद्योगपति और श्रद्धालु भी मंदिर पहुंचे।

दो दिवसीय आयोजन के दौरान विभिन्न समाजों के लोगों ने प्रसाद वितरण, श्रद्धालुओं की सुविधा और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। श्री भगवान जी अग्रवाल सहित मां सती माता भक्त मंडल के सदस्यों ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया। भक्त मंडल से जुड़े राजेश चौधरी, लाला भाई जी, मनीष बाबू और पप्पू सा सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने आयोजन में सेवाएं दीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव