सोशल मीडिया पर सेलिब्रिटीज के नकली वीडियो बनाकर निवेश का झांसा दे रहे साइबर ठग
जयपुर, 11 जून (हि.स.)। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डीपफेक तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग के बीच साइबर अपराधी अब निवेश के नाम पर लोगों को करोड़ों रुपये की चपत लगा रहे हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को सतर्क करते हुए चेतावनी जारी की है कि फर्जी स्टॉक मार्केट निवेश ऐप्स, डीपफेक वीडियो और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए बड़े पैमाने पर साइबर ठगी की जा रही है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी प्रसिद्ध निवेशकों, उद्योगपतियों और सेलिब्रिटीज के डीपफेक तकनीक से तैयार किए गए नकली वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित कर रहे हैं। इन वीडियो में कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया जाता है और लोगों को विशेष निवेश ऐप या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाता है।
सिंह ने बताया कि साइबर ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक विज्ञापन चलाते हैं। विज्ञापन पर क्लिक करते ही व्यक्ति को एलीट इन्वेस्टमेंट ग्रुप या सुपर ट्रेडिंग क्लब जैसे नामों वाले व्हाट्सएप अथवा टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ लिया जाता है।
इन ग्रुपों में शामिल अधिकांश सदस्य वास्तव में साइबर अपराधियों द्वारा संचालित फर्जी अकाउंट या बॉट्स होते हैं, जो लाखों रुपये के मुनाफे के नकली स्क्रीनशॉट और सफलता की झूठी कहानियां साझा कर लोगों का विश्वास जीतते हैं। इसके बाद निवेशकों को किसी लिंक या एपीके फाइल के माध्यम से फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया जाता है।
शुरुआत में निवेश की गई राशि और कथित मुनाफा ऐप के डैशबोर्ड पर दिखाई देता है, जिससे निवेशक को विश्वास हो जाता है कि उसका पैसा बढ़ रहा है। लेकिन जब वह राशि निकालने का प्रयास करता है, तब टैक्स, कमीशन, प्रोसेसिंग फीस या अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराने के लिए कहा जाता है। अंततः साइबर ठग निवेशक का पैसा हड़प कर गायब हो जाते हैं।
राजस्थान पुलिस ने लोगों से निवेश संबंधी किसी भी ऑनलाइन प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही मोबाइल ऐप डाउनलोड करें। किसी भी एपीके फाइल या अनजान लिंक के माध्यम से ऐप इंस्टॉल न करें। निवेश करने से पहले संबंधित कंपनी का सेबी पंजीकरण अवश्य जांचें। किसी निजी व्यक्ति या अनजान बैंक खाते में धनराशि ट्रांसफर करने से बचें। व्हाट्सएप और टेलीग्राम की ग्रुप प्राइवेसी सेटिंग माय कॉन्टैक्ट्स पर रखें। किसी भी निवेश योजना पर भरोसा करने से पहले स्वतंत्र रूप से उसकी पुष्टि अवश्य करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश