रक्षाबंधन पर गिफ्ट-कूपन के नाम पर साइबर ठग कर रहे ठगी
जयपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। रक्षाबंधन पर उपहार, कूपन, बधाई संदेश और गिफ्ट डिलीवरी के नाम पर साइबर ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं। त्योहार की व्यस्तता और भावनाओं का फायदा उठाकर ठग व्हाट्सऐप पर फर्जी लिंक और .एपीके फाइलें भेज रहे हैं। राजस्थान साइबर क्राइम पुलिस ने आमजन को सावधान करते हुए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि ठग रक्षाबंधन.ग्रीटिंग.एपीकेऔर फेस्टिवल.गिफ्ट.एपीके जैसी फाइलें भेजकर लोगों को झांसे में ले रहे हैं। ऐसी फाइल डाउनलोड कर इंस्टॉल करते ही मोबाइल का नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथ में पहुंच सकता है। इसके बाद वे कैमरा, गैलरी, मैसेज और बैंकिंग एप्लीकेशन तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
साइबर ठग ‘रक्षाबंधन स्पेशल ऑफर’, ‘फ्री गिफ्ट वाउचर’, ‘फ्री रिचार्ज’ और भारी छूट जैसे आकर्षक संदेश भेजकर लोगों को फर्जी वेबसाइट पर ले जाने वाले लिंक पर क्लिक करवाते हैं। इन फिशिंग लिंक के जरिए बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
ठग रिश्तेदारों के नाम से फर्जी सोशल मीडिया या व्हाट्सऐप प्रोफाइल बनाकर पैसों की मांग कर सकते हैं। ‘आपके भाई या बहन ने आपके लिए राखी भेजी है’ जैसे संदेशों के जरिए फर्जी कूरियर और गिफ्ट डिलीवरी के नाम पर भी लोगों से शुल्क या अन्य भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
राजस्थान पुलिस ने लोगों से किसी भी अनजान .एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करने की अपील की है। व्हाट्सएप की सेटिंग में मीडिया ऑटो-डाउनलोड बंद रखने और अकाउंट की सुरक्षा के लिए टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय करने की सलाह दी गई है। किसी परिचित के नाम से संदिग्ध लिंक या पैसों की मांग वाला संदेश आए तो संबंधित व्यक्ति से सीधे फोन पर संपर्क कर पहले पुष्टि करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश