त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर शिकंजा, खाद्य विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई

 


जयपुर, 27 अगस्त (हि.स.)। त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर शिकंजा कसते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने गुरुवार को प्रदेशभर में सघन निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में चल रहे ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत दूध, मावा, मिठाई, पनीर, घी और अन्य खाद्य पदार्थों की विशेष जांच की गई। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर संदिग्ध और खराब खाद्य सामग्री नष्ट कराने के साथ बड़ी मात्रा में सामग्री सीज की गई तथा नमूने जांच के लिए लिए गए।

खाद्य एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण अविचल चतुर्वेदी के निर्देशन तथा अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के पर्यवेक्षण में अलग-अलग जिलों में टीमों ने कार्रवाई की।

जयपुर के बस्सी क्षेत्र में तुंगा रोड स्थित शर्मा मिष्ठान भंडार पर जांच के दौरान करीब 125 किलो संदिग्ध मिल्क केक मिला। टीम ने 60 पैकेट यानी तीन कार्टन में रखे मिल्क केक को जब्त कर मौके पर ही नष्ट कराया। विभाग के अनुसार यह मिल्क केक अलवर से 180 रुपए प्रति किलो की दर से लाया गया था और दुकान पर इसे 360 रुपए प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा था। मामले में नमूने भी जांच के लिए लिए गए।

इसके अलावा श्री अम्बे जोधपुर मिष्ठान भंडार से मिल्क केक तथा लालजी जोधपुर मिष्ठान भंडार से मिल्क केक, मावा बर्फी और गुलाब जामुन के नमूने लिए गए। दुकानदारों को स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य सामग्री ढककर रखने, खाद्य रंग का सीमित उपयोग करने और गुणवत्तापूर्ण मावा इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए।

अजमेर जिले में केंद्रीय दल ने जेएमडी फूड प्रोडक्ट्स का निरीक्षण किया। यहां पैक्ड मिठाइयों पर बैच नंबर, निर्माण तिथि और उपयोग तिथि अंकित नहीं मिली।

टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 500 किलो मिल्क केक और डोडा बर्फी को निगम के डंपिंग यार्ड में नष्ट कराया। साथ ही इनके नमूने जांच के लिए लिए गए। बद्रीनारायण प्राइवेट लिमिटेड से माखन बड़ा और सोहन हलवा तथा गुरुकृपा फूड्स से घी और मिल्क केक के नमूने भी लिए गए। पाई गई कमियों के आधार पर संबंधित फर्मों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी किए जाएंगे।

सीकर में जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने श्री श्याम बीकाणा नमकीन निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। यहां गंभीर गंदगी और अन्य अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई की गई। टीम ने 272 किलो सोन पापड़ी, 116 किलो चना दाल और 25 किलो भुजिया, कुल 413 किलो खाद्य सामग्री सीज की।

वहीं 204 किलो बदबूदार नमकीन और 210 किलो खराब पामोलिन ऑयल, कुल 414 किलो सामग्री, मौके पर नष्ट कराई गई। फैक्ट्री संचालक को स्वच्छता और अन्य अनियमितताओं को लेकर सुधार नोटिस जारी किया जाएगा।

पाली जिले में खाद्य सुरक्षा टीम ने ज्योति सरस का करीब 600 लीटर घी सीज किया। घी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार प्रदेशभर में लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट में गुणवत्ता या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से त्योहारी सीजन में विशेष सतर्कता बरतते हुए स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने की अपील की है। वहीं आमजन से भी संदिग्ध या मिलावटी खाद्य सामग्री की सूचना विभाग के नियंत्रण कक्ष अथवा संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील की गई है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित