संतों ने लिया संकल्प—गोमाता को दिलाकर रहेंगे राष्ट्रमाता का दर्जा

 


जयपुर, 01 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय संस्कृति की आधारशिला मानी जाने वाली गौ माता के सम्मान, संरक्षण, संवर्धन के उद्देश्य से 27 अप्रैल को पूरे देश में गौ सम्मान दिवस मनाया जाएगा। इस संबंध में बुधवार को गोपाल बाड़ी स्थित श्री नारायण धाम में संतों एवं गौभक्तों की बैठक आयोजित की गई। तैयारी बैठक में हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य, ब्रह्मपीठाधीश्वर रामरतन देवाचार्य महाराज, संत प्रकाश दास महाराज, प्रकाश नारायण महाराज, महंत रामचरित दास, महन्त हरिशंकरदास वेदांती, महन्त ईश्वरदास महाराज, महन्त परमान्द दास महाराज सहित अनेक संत-महंत उपस्थित थे। संत प्रकाश दास महाराज ने कहा कि गावो विश्वस्य मातर: अर्थात गाय समस्त विश्व की माता है। गौ सेवा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं मानव स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण पक्ष भी है। जब तक समाज के प्रत्येक घर में गौ माता के प्रति सम्मान और सेवा की भावना विकसित नहीं होगी, तब तक यह अभियान निरंतर चलता रहेगा।

गौ क्रांति मंच, राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद कोठारी ने बताया कि सभी संतों-महंतों ने एक स्वर में देश में गौ हत्या कानून लागू करने की मांग की। यह अभियान पूर्णत: अहिंसक एवं गैर-राजनीतिक रहेगा तथा किसी भी संस्था या दल के बैनर तले संचालित नहीं किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य गौ संरक्षण के लिए सख्त केन्द्रीय कानून बनवाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कराना तथा गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना है। इसके अतिरिक्त गौशालाओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने, गौतस्करी पर कठोर दंड का प्रावधान करने तथा पंचगव्य आधारित शोध एवं चिकित्सा को बढ़ावा देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जाएगी।

कार्ययोजना के अनुसार 27 अप्रैल को पूरे प्रदेश में तहसीलों, उपखंड मुख्यालयों और जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। ज्ञापन के माध्यम से केन्द्र और राज्य सरकार से गौ माता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी। इसमें गौ माता के संरक्षण के लिए उचित अनुसंधान, अनुदान की व्यवस्था, देशभर में गोहत्या पर प्रतिबंध, गौ माता को राष्ट्र माता, राष्ट्र धरोहर एवं राष्ट्र आराध्या का दर्जा देने जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल होंगे।

टोलियां जुटी जन संपर्क में: कोठारी ने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग टोलियां जनसंपर्क कर गौ सेवा एवं संरक्षण का संदेश दे रही है। अभियान के दौरान लोगों से अपील की जा रही कि वे 27 अप्रैल को अपने-अपने गांवों, मोहल्लों एवं समाज में गौ पूजन, गौ सेवा एवं गोष्ठियों का आयोजन करें, ताकि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति जागरूक किया जा सके। अभियान के तहत पिछले दिनों हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर गौ संरक्षण के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश